‘न डरेंगे, न पीछे हटेंगे’, अभिजीत दीपके ने बताया CJP का अगला प्लान
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि उनकी पार्टी गिरफ्तारियों और हिरासत की कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। अभिजीत दीपके ने उम्मीद जताई कि सौरव दास और आशुतोष रांका जल्द रिहा हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि दोनों की रिहाई के बाद पार्टी के सदस्य एक साथ बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे। दीपके के मुताबिक, वह मामले के कानूनी पहलुओं पर चर्चा करने के लिए वृंदा से भी मिलने जा रहे हैं। इस घटनाक्रम ने दिल्ली में प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और CJP की आगे की रणनीति को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
‘हम न तो डरेंगे और न ही पीछे हटेंगे’, दीपके का बयान
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों में पार्टी के सदस्यों को गिरफ्तार और हिरासत में लेकर डराने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि यह लंबी लड़ाई है और उनकी टीम इसके लिए तैयार है।
दीपके ने यह भी कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के बाद पार्टी के सदस्य एक साथ बैठेंगे और आगे की दिशा पर फैसला करेंगे। उनके बयान से संकेत मिलता है कि CJP कानूनी पहलुओं पर चर्चा करने के साथ अपनी गतिविधियों को जारी रखने की रणनीति बना रही है।
हालांकि, पार्टी की ओर से आगे होने वाले किसी नए प्रदर्शन की तारीख, स्थान या औपचारिक कार्यक्रम का पूरा विवरण इस बयान में सामने नहीं आया।
सौरव दास और आशुतोष रांका को क्यों हिरासत में लिया गया?
सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचने की कोशिश के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, CJP के सदस्य उस स्थान पर प्रदर्शन करना चाहते थे, जहां प्रदर्शन की अनुमति और व्यवस्था को लेकर प्रतिबंध लागू थे।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के काम में बाधा पहुंचाई। रिपोर्टों में जंतर-मंतर के गेट को पार करने और वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने से जुड़ी घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है।
इस मामले में पुलिस ने दो प्राथमिकी दर्ज कीं। इनमें से एक में आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं भी शामिल होने की बात सामने आई। एक अन्य सदस्य अजिंक्य शिंदे को शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण से संबंधित बॉन्ड भरने के लिए कहा गया।
इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जा सकता है। पुलिस के आरोपों को अदालत के अंतिम फैसले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
जंतर-मंतर लंबे समय से दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख स्थल रहा है। लेकिन प्रदर्शन के लिए अनुमति, निर्धारित स्थान और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी होता है।
CJP के सदस्यों की कार्रवाई और उसके बाद हुई पुलिस की कार्रवाई ने इसी मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। पार्टी अपने विरोध को जारी रखने की बात कर रही है, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था और नियमों के उल्लंघन से जुड़े कारणों का हवाला दिया है।
इस घटनाक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराने और प्रदर्शन की स्वतंत्रता को लेकर भी बहस सामने आई है। किसी प्रदर्शन का उद्देश्य या उसका प्रतीकात्मक संदेश अपनी जगह है, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शन करते समय लागू कानूनी नियमों का पालन भी जरूरी होता है।
अभिजीत दीपके को पहले भी किया गया था गिरफ्तार
सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी से पहले अभिजीत दीपके को भी दिल्ली में हिरासत में लिया गया था। वह CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से जुड़े कार्यक्रम के लिए राजधानी पहुंचे थे।
रिपोर्टों के अनुसार, कनॉट प्लेस में प्रस्तावित मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर प्रदर्शन नहीं करने को कहा था। इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
दीपके को 17 अक्टूबर से पहले हुई कार्रवाई के बाद एक साल तक शांति और व्यवस्था बनाए रखने का लिखित आश्वासन देने की शर्त पर रिहा किया गया था। इससे पहले 11 अक्टूबर को अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को भी कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद रिहा किए जाने की खबर आई थी।
बाद में सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर से जुड़े घटनाक्रम के दौरान फिर हिरासत में लिया गया। इस वजह से पार्टी और पुलिस के बीच विवाद का नया चरण शुरू हुआ।
#WATCH | Delhi: CJP founder Abhijeet Dipke says, "Once Saurav and Ashu come, we will gather, restrategize, and determine how to move forward. Given what we have witnessed over the past few days, including the illegal arrests and detentions, it is clear that there is an attempt to intimidate us. However, we will neither be intimidated nor back down. This is a long battle, and we are fully prepared for it. Hopefully, both of them will be released today. I am on my way to meet Vrinda Ma’am to discuss some legal matters regarding this."
— ANI (@ANI) October 18, 2026
CJP अब आगे क्या करेगी?
अभिजीत दीपके के ताजा बयान से तीन बातें सामने आती हैं। पहली, पार्टी अपने सदस्यों की रिहाई को लेकर आशान्वित है। दूसरी, वह मामले के कानूनी पहलुओं पर चर्चा करना चाहती है। तीसरी, सभी संबंधित सदस्यों के साथ बैठक करके आगे की रणनीति तय करने की योजना है।
फिलहाल, पार्टी की अगली कार्रवाई को लेकर किसी निश्चित तारीख या कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि CJP अगला प्रदर्शन कब और कहां करेगी।
आने वाले दिनों में मामले की कानूनी स्थिति, पुलिस की कार्रवाई और पार्टी की बैठक से आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है। इस बीच, घटनाक्रम पर नजर रखने के लिए आधिकारिक बयान और विश्वसनीय समाचार रिपोर्टों को देखना महत्वपूर्ण रहेगा।
विवाद का अगला पड़ाव क्या होगा?
CJP के सामने फिलहाल अपने सदस्यों की कानूनी स्थिति और आगे की रणनीति तय करने की चुनौती है। अभिजीत दीपके ने पीछे नहीं हटने का संदेश दिया है, लेकिन पार्टी की अगली गतिविधियों का वास्तविक स्वरूप आने वाले आधिकारिक फैसलों और घोषणाओं से ही स्पष्ट होगा।
यह मामला प्रदर्शन के अधिकार, सार्वजनिक व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सवालों को भी सामने लाता है। घटनाक्रम पर निष्पक्ष नजर रखने के लिए पार्टी के दावों और पुलिस के आरोपों—दोनों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

