UP MLC चुनाव पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला, अधिकारियों पर लगाए आरोप
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कुछ शिक्षा विभाग के अधिकारी मतदाताओं पर दबाव बना रहे हैं और चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने और पूरे मामले पर सतर्क नजर रखने की अपील की है।
बुधवार, 21 अक्टूबर को मीडिया से बातचीत के दौरान सपा प्रमुख ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) और जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कुछ अधिकारी कथित तौर पर धमकी भरे फोन कर रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया में अनुचित तरीके से हस्तक्षेप कर रहे हैं। हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव की ओर से लगाए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि या चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी के पास कथित अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्य और दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी की भूमिका गलत पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग से मतपेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी तरह की हेराफेरी रोकने की मांग की।
चुनाव आयोग से निष्पक्ष मतदान कराने की अपील
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में चुनाव हो रहे हैं, वहां शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग को शिकायतों पर ध्यान देकर निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि कथित चुनावी गड़बड़ियों में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सबूतों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मतदाताओं से भी अनुशासन और एकजुटता के साथ समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आगामी विधान परिषद चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे प्रदेश की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
सत्ता में आने पर शिक्षा मित्रों को नियमित करने का वादा
चुनावी आरोपों के साथ अखिलेश यादव ने शिक्षा मित्रों के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने वादा किया कि यदि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की सत्ता में लौटती है, तो शिक्षा मित्रों को नियमित शिक्षक बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरत पड़ने पर अलग बजट की व्यवस्था की जाएगी और आवश्यक हुआ तो नया पदनाम भी बनाया जा सकता है।
सपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनके प्रस्ताव के तहत मौजूदा शिक्षकों को हटाए बिना शिक्षा मित्रों के नियमितीकरण की व्यवस्था करने की कोशिश होगी। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने शिक्षा मित्रों के सम्मान और अधिकारों के लिए काम किया है। हालांकि, नियमितीकरण से संबंधित प्रस्ताव की वास्तविक प्रक्रिया, पात्रता और वित्तीय व्यवस्था सत्ता में आने पर पार्टी की नीतियों तथा लागू नियमों पर निर्भर करेगी।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा क्षेत्र की उपेक्षा करने और वंचित समुदायों को पर्याप्त अवसर नहीं देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आरक्षण, सम्मान और शिक्षा तक पहुंच से जुड़े मुद्दों पर काम करेगी। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और रोजगार के अवसर बढ़ाना भी पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
किसानों के मुआवजे और लखनऊ के विकास कार्यों पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने भूमि अधिग्रहण और विकास परियोजनाओं को लेकर भी राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने लखनऊ के अकबर नगर क्षेत्र में हुई कार्रवाई और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। सपा प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो किसानों को जमीन के बदले उचित बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा देने की व्यवस्था करेगी।
उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन का अधिग्रहण उचित मुआवजा सुनिश्चित करने के बाद ही किया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने मतदाताओं से उत्तर प्रदेश के विकास, शिक्षा में सुधार और रोजगार सृजन के लिए समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील की।
कुल मिलाकर, अखिलेश यादव ने MLC चुनाव के मुद्दे पर भाजपा को घेरने के साथ शिक्षा मित्रों, आरक्षण, किसानों के मुआवजे और विकास कार्यों को भी राजनीतिक बहस के केंद्र में रखा है। अब चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।

