BJP अध्यक्ष नितिन नवीन बोले- जनसंघ ने मजबूत किया ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जनसंघ के पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बुधवार, 21 अक्टूबर को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने गोवा के भारत में विलय और पश्चिम बंगाल से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों का उल्लेख किया।
नितिन नवीन ने कहा कि जनसंघ ने अपने संस्थापक और प्रमुख विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की एकजुट भारत की सोच को उनके निधन के बाद भी आगे बढ़ाया। उनके मुताबिक, संगठन के कार्यकर्ताओं ने देश की एकता और अखंडता से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष किया और अपनी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
BJP अध्यक्ष ने इस अवसर पर जनसंघ के उन सदस्यों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने अपने समय में संगठन को मजबूत बनाने और राष्ट्रीय एकता के विचार को आगे बढ़ाने के लिए काम किया। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी के कार्यकर्ताओं से भी उसी दृढ़ संकल्प के साथ काम करने की अपील की।
गोवा और पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक प्रसंगों का किया जिक्र
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में वर्ष 1961 में गोवा के भारत में विलय का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय जनसंघ के सदस्यों ने गोवा को भारत का हिस्सा बनाने के विचार का समर्थन किया था। उन्होंने पश्चिम बंगाल से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों का भी जिक्र किया और कहा कि जनसंघ ने उन परिस्थितियों में अपनी भूमिका निभाई, जब कुछ क्षेत्रों की राजनीतिक स्थिति को लेकर चिंताएं जताई जा रही थीं।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की सोच एक मजबूत और एकजुट भारत के निर्माण पर केंद्रित थी। नितिन नवीन के अनुसार, जनसंघ के पुराने नेताओं ने इस विचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए और संगठन की वैचारिक नींव को मजबूत किया। उन्होंने इन नेताओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता आज के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत होनी चाहिए।
1951 में सीमित संसाधनों से शुरू हुआ था जनसंघ
BJP अध्यक्ष ने संगठन के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि भारतीय जनसंघ की स्थापना 21 अक्टूबर 1951 को हुई थी। उन्होंने कहा कि उस समय संगठन के पास संसाधनों की भारी कमी थी। कार्यालय, परिवहन और यहां तक कि रसीदें छापने के लिए पर्याप्त धन की व्यवस्था करना भी मुश्किल था।
इसके बावजूद, संगठन से जुड़े लोगों का लक्ष्य अपनी विचारधारा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था। नितिन नवीन ने कहा कि शुरुआती कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों में संगठन को आगे बढ़ाया। उन्होंने दिल्ली BJP की पहल ‘जनसंघ से जन-जन की यात्रा’ की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन के इतिहास और उसके जनसंपर्क प्रयासों को समझने का एक माध्यम है।
उन्होंने वर्तमान कार्यकर्ताओं से कहा कि आज संगठन के पास पहले की तुलना में अधिक सुविधाएं और अवसर हैं। ऐसे में पार्टी को मजबूत बनाना और लोगों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि संगठन की मजबूती के लिए केवल अनुकूल परिस्थितियां पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समर्पण और निरंतर प्रयास भी जरूरी हैं।
भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से आह्वान
नितिन नवीन ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के लिए लाखों लोगों ने बलिदान दिया था। उनके अनुसार, आजादी का उद्देश्य केवल औपनिवेशिक शासन से मुक्ति पाना नहीं था, बल्कि ऐसा लोकतंत्र बनाना भी था, जिसमें हर व्यक्ति को विकास का अवसर मिले और देश की सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समावेशी विकास के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे समाज के हर वर्ग को देश की विकास यात्रा से जोड़ने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और भारत को आत्मनिर्भर, आत्मसम्मान से भरा तथा वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली राष्ट्र बनाने के लिए लगातार काम करना होगा।
BJP अध्यक्ष ने कहा कि पूर्ववर्ती नेताओं ने कठिन चुनौतियों के बावजूद संगठन को आगे बढ़ाया था। वर्तमान पीढ़ी को भी उसी तरह दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ काम करना चाहिए। उनके मुताबिक, भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने की कल्पना तभी साकार हो सकती है, जब कार्यकर्ता अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा और संकल्प के साथ निभाएं।

