RSS नेता इंद्रेश कुमार का CJP पर सवाल, पूछा- कहां से आ रहा फंड?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के अभियानों और विरोध प्रदर्शनों की फंडिंग को लेकर सवाल उठाए हैं। गुरुवार, 22 अक्टूबर को नई दिल्ली में समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ युवा कथित तौर पर अराजक तत्वों के प्रभाव में आकर विरोध प्रदर्शनों में शामिल हो रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में किसी खास फंडिंग स्रोत या ठोस प्रमाण का उल्लेख नहीं किया।
इंद्रेश कुमार ने आशंका जताई कि भारत में भी बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोग लगातार अपने पुराने मुद्दों को छोड़कर नए मुद्दे उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, इन प्रदर्शनों में लोगों की भागीदारी भी कम हो रही है। ये सभी इंद्रेश कुमार के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
CJP के प्रदर्शनों की फंडिंग पर उठाए सवाल
इंद्रेश कुमार ने सवाल किया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल युवाओं और अन्य लोगों को आर्थिक सहायता कहां से मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को विदेशी फंडिंग और अराजक गतिविधियों से जुड़े तत्व प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से ऐसे प्रभावों से दूर रहने और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप काम करने की अपील की।
RSS नेता ने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत को ऐसी स्थिति से बचाने की जरूरत है, जिसमें अराजकता, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और आम लोगों के विस्थापन जैसी समस्याएं पैदा हों। हालांकि, बातचीत के दौरान उन्होंने CJP के अभियानों से जुड़े किसी विशिष्ट वित्तीय लेनदेन, दानदाता या जांच रिपोर्ट का विवरण नहीं दिया।
तिरंगे और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान पर क्या बोले?
राष्ट्रीय ध्वज के इस्तेमाल को लेकर भी इंद्रेश कुमार ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल तिरंगे का इस्तेमाल लोगों के बीच विभाजन पैदा करने के लिए कर रहे हैं। उनके अनुसार, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के जरिए करोड़ों परिवारों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा देश को जोड़ने वाला प्रतीक है और इसका राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इंद्रेश कुमार ने विपक्षी दलों के नए अभियानों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले से चल रहे कार्यक्रमों के बीच नए प्रस्तावों की जरूरत को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
लोकतंत्र, युवाओं और भारत की भूमिका पर दिया बयान
अल्बानिया और फ्रांस जैसे देशों का उदाहरण देकर भारत की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करने वाले विपक्षी नेताओं के संदर्भ में इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत लोकतंत्र और धार्मिक विविधता का सम्मान करता है। उन्होंने गौतम बुद्ध, डॉ. भीमराव आंबेडकर, गुरु नानक और महावीर स्वामी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए भारत की परंपराओं को शांति और नैतिकता से जोड़ा।
यह विवाद उस समय सामने आया है, जब शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने अल्बानिया की राजधानी तिराना में सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों से जुड़ी घटना का उल्लेख करते हुए भारत को उससे सबक लेने की बात कही थी। रिपोर्ट के मुताबिक, वहां प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के कार्यालयों में आग लगाई और संसद, मंत्रालयों तथा पुलिस को भी निशाना बनाया।
इंद्रेश कुमार ने अंत में कहा कि देश के अधिकांश युवा सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन कुछ युवाओं को कथित तौर पर गलत तत्व प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे युवाओं से अपनी दिशा बदलने की अपील की। फिलहाल, CJP की फंडिंग और विदेशी सहायता को लेकर उनके आरोपों की पुष्टि करने वाली स्वतंत्र जानकारी उपलब्ध नहीं है।

