SIR और EVM पर कांग्रेस को अनुराग ठाकुर का जवाब, विदेशी ताकतों पर लगाए आरोप
हिमाचल प्रदेश के शिमला में भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर सवाल उठाए। ठाकुर का आरोप है कि चुनाव जीतने पर विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा जताते हैं, लेकिन हारने के बाद निर्वाचन आयोग और EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने लगते हैं।
पत्रकारों से बातचीत में भाजपा सांसद ने विपक्षी नेताओं पर विदेशी हितों से प्रभावित होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ राजनीतिक संदेशों और अभियानों के जरिए देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने बातचीत के दौरान कोई विशिष्ट प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया। कांग्रेस और संबंधित विपक्षी दलों का पक्ष इस रिपोर्ट में शामिल उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
SIR और EVM विवाद पर कांग्रेस को घेरा
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और झारखंड जैसे राज्यों में चुनाव जीतने पर EVM पर सवाल नहीं उठाती, जबकि हारने की स्थिति में मशीनों को लेकर संदेह जताती है। उन्होंने इसे विपक्ष का दोहरा रवैया बताते हुए निर्वाचन आयोग की भूमिका पर उठाए जा रहे सवालों की आलोचना की।
SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए ठाकुर ने कहा कि मतदाता सूची में सुधार करना चुनावी व्यवस्था का जरूरी हिस्सा है। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत मतदाताओं के नाम हटाने, दोहरी प्रविष्टियों को ठीक करने और स्थान बदल चुके मतदाताओं के पंजीकरण में जरूरी संशोधन करने का प्रावधान है।
उन्होंने सवाल किया कि यदि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्धारित नियमों के अनुसार किया जा रहा है, तो उस पर आपत्ति क्यों जताई जा रही है। ठाकुर का आरोप है कि विपक्ष चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग के खिलाफ माहौल तैयार करता है, ताकि संभावित हार की स्थिति में संस्था को जिम्मेदार ठहराया जा सके। SIR को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकार महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं।
विदेशी प्रभाव और महिला आरक्षण पर भी साधा निशाना
भाजपा सांसद ने विपक्षी राजनीति में कथित विदेशी प्रभाव का मुद्दा उठाते हुए ‘अंकल सैम’ और ‘अंकल सोरोस’ का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक समूहों के संदेश और विरोध प्रदर्शनों को बाहरी हितों से प्रेरणा मिलती है। हालांकि, उनके बयान में किसी खास नेता को विदेशी सहायता मिलने का प्रमाण या संबंधित जांच का विवरण नहीं दिया गया।
ठाकुर ने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए आपातकाल का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का नैतिक आधार नहीं रखती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने संगठन के सामाजिक कार्यों की सराहना की।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर ठाकुर ने कांग्रेस से पूछा कि वह विधायिकाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव पर क्या रुख रखती है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर कांग्रेस नेताओं की कथित टिप्पणियों का भी उल्लेख किया। महिला आरक्षण और उसके क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच पहले से बहस चल रही है।
हिमाचल सरकार पर हमला, 2027 चुनाव को लेकर दावा
अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कर्मचारी, पेंशनभोगी, बेरोजगार युवा, महिलाएं, किसान और बागवान राज्य सरकार से नाराज हैं। उन्होंने सरकार पर वित्तीय प्रबंधन में कमजोरी का आरोप लगाया, हालांकि इन दावों के समर्थन में उन्होंने विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए।
भाजपा सांसद ने विश्वास जताया कि 2027 के हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी बड़ी जीत दर्ज करेगी। उन्होंने दो-तिहाई से अधिक बहुमत मिलने का दावा किया। साथ ही, केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज का बचाव करते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 हटाने और आर्थिक विकास का उल्लेख किया।
कुल मिलाकर, ठाकुर के बयान ने SIR, EVM, निर्वाचन आयोग, विदेशी प्रभाव और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को फिर सामने ला दिया है। इन आरोपों पर संबंधित विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि आगे की बहस में महत्वपूर्ण होगी।

