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Asian Para Games 2026: भारत के 88 मेडल, हाई जंप में तीनों पदक जीतकर रचा इतिहास

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जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के चौथे दिन के प्रदर्शन के बाद भारत के पदकों की संख्या 88 तक पहुंच गई। भारतीय दल ने अब तक 21 स्वर्ण, 26 रजत और 41 कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। इस उपलब्धि के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर बना हुआ है।

भारतीय खिलाड़ियों ने पैरा एथलेटिक्स, पैरा तीरंदाजी और पैरा स्विमिंग में बेहतरीन प्रदर्शन किया। कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल कीं, जबकि कुछ ने रिकॉर्ड बनाकर देश का गौरव बढ़ाया। पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर विशेष उपलब्धि दर्ज की। वहीं, लंबी कूद में एशियाई रिकॉर्ड और तीरंदाजी में ऐतिहासिक पदक ने भारत के अभियान को और मजबूत बनाया।

पैरा तीरंदाजी में स्वर्ण और ऐतिहासिक रजत

पैरा तीरंदाजी में भारत की स्वाति चौधरी ने महिला W1 व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस स्पर्धा में एशियन पैरा गेम्स के इतिहास में भारत के लिए पहला पदक जीतने वाली खिलाड़ी बनीं। फाइनल मुकाबले में उनका सामना चीन की मेंगकान सेन से हुआ। कड़े संघर्ष के बाद स्वाति को 4-6 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने रजत पदक हासिल किया।

इसी स्पर्धा में भारत को एक और बड़ी सफलता मिली। शीतल देवी और तोमन कुमार की जोड़ी ने पैरा कंपाउंड मिक्स्ड टीम मुकाबले में इंडोनेशिया को 151-148 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा पैरा एथलेटिक्स में सुवर्णा राज ने महिला डिस्कस थ्रो F54 में 15.66 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

तेजल बेन डामोर ने महिला 400 मीटर T12 स्पर्धा में 57.60 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। उनके खाते में प्रतियोगिता के दौरान एक रजत और एक कांस्य पदक दर्ज हुआ। इन परिणामों ने भारतीय दल की पदक संख्या बढ़ाने में अहम योगदान दिया।

हाई जंप में भारत का क्लीन स्वीप, लंबी कूद में एशियाई रिकॉर्ड

पुरुषों की हाई जंप T42/T63 स्पर्धा में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों पदक जीत लिए। शैलेश कुमार ने 1.89 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक हासिल किया और नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। वरुण सिंह भाटी ने 1.84 मीटर की छलांग के साथ रजत, जबकि राहुल ने 1.81 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता। भारत ने इस स्पर्धा में 2022 के प्रदर्शन को दोहराते हुए एक बार फिर पोडियम पर पूरी तरह कब्जा जमाया।

लंबी कूद में सोलैराज धर्मराज ने पुरुषों की T44/T62/T64 स्पर्धा में 7.15 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ उन्होंने 2025 में बनाए अपने 7.08 मीटर के एशियाई रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। 2022 में भी इस स्पर्धा में स्वर्ण जीत चुके सोलैराज ने एक बार फिर अपनी निरंतरता साबित की।

400 मीटर की दौड़ में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते। अंजनाबेन बुम्बाडिया ने 59.97 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण और जयंती बेहरा ने 1 मिनट 0.65 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। दिलीप महादू गावित ने पुरुषों की 400 मीटर T47 स्पर्धा में 48.27 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण जीता।

पैरा स्विमिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन

पैरा स्विमिंग में कपिल कुमार ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S10 स्पर्धा में 4 मिनट 38.44 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। स्वातिक पाटिल ने पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक SB9 में 1 मिनट 13.77 सेकंड के समय के साथ कांस्य हासिल किया। वहीं, तेजस नंदकुमार ने 100 मीटर बैकस्ट्रोक S7 में 1 मिनट 18.58 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। उन्होंने 2022 में छठे स्थान पर रहने के बाद इस बार बेहतर प्रदर्शन किया।

भारतीय दल के मुख्य कोच सत्यनारायण ने 88 पदकों की उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और कोचिंग टीम के योगदान को सफलता का आधार बताया। कोच ने उम्मीद जताई कि प्रतियोगिता समाप्त होने से पहले भारत 100 पदकों का आंकड़ा पार कर सकता है।

भारत के लिए अब बाकी मुकाबलों में भी पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर है। खिलाड़ियों के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन ने देश की पैरा खेलों में बढ़ती ताकत को दिखाया है।

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