दिल्ली मेट्रो में भाग रहा था संदिग्ध यात्री, CISF जवान ने दौड़कर पकड़ा; मिला इनाम
नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा जांच के दौरान सतर्कता और तत्परता दिखाने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान अभिषेक वर्मा को सम्मानित किया गया है। उन्होंने 17 अक्टूबर को जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर संदिग्ध सामान लेकर भागने की कोशिश कर रहे एक यात्री को दौड़कर पकड़ लिया था। उनकी इस कार्रवाई के लिए CISF के महानिदेशक का प्रशस्ति प्रमाणपत्र और 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया है।
CISF के मुताबिक, यात्री के बैग की एक्स-रे जांच के दौरान अंदर एक बेहद घनी वस्तु दिखाई दी, जिसे तत्काल पहचानना संभव नहीं था। सुरक्षा कर्मियों ने यात्री से बैग खोलकर उसकी जांच कराने को कहा, लेकिन वह बैग उठाकर वहां से भागने लगा। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात अभिषेक वर्मा ने अपने सहयोगियों के साथ उसका पीछा किया और स्टेशन के निकास द्वार तक पहुंचने से पहले उसे रोक लिया।
एक्स-रे स्कैनर में दिखी संदिग्ध वस्तु, जांच से बचकर भागा यात्री
CISF की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को एक यात्री जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन के सुरक्षा जांच केंद्र पर पहुंचा था। जब उसके सामान को एक्स-रे बैगेज स्कैनर से गुजारा गया, तो स्क्रीन पर बैग के अंदर एक ऐसी वस्तु दिखाई दी, जिसका घनत्व काफी अधिक था और जो स्क्रीन पर गहरे रंग में नजर आ रही थी।
इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने यात्री को बैग खोलकर भौतिक जांच कराने के लिए कहा। हालांकि, यात्री ने जांच में सहयोग करने के बजाय अपना बैग उठाया और फ्रिस्किंग बूथ से बाहर निकलकर एस्केलेटर की मदद से निकास द्वार की ओर भागने लगा।
प्रवेश द्वार पर तलाशी की ड्यूटी संभाल रहे CISF जवान अभिषेक वर्मा ने स्थिति को तुरंत भांप लिया। उन्होंने अपने साथियों के साथ उसका पीछा किया और उसे स्टेशन से बाहर निकलने से पहले ही पकड़ लिया। इस त्वरित कार्रवाई से यात्री को आगे की जांच के लिए सुरक्षा कर्मियों के नियंत्रण में लिया जा सका।
बैग में कपड़े के अंदर सिला मिला अर्धठोस पदार्थ
यात्री को पकड़ने के बाद स्टेशन के कंट्रोल रूम में ले जाया गया। वहां उसने बताया कि वह कुआलालंपुर से आया एक अनिवासी भारतीय (NRI) है और भारत पहुंचने के एक दिन बाद मेट्रो स्टेशन आया था।
CISF के अनुसार, उसके बैग में रखे एक अंतर्वस्त्र के भीतर सिलकर छिपाया गया अर्धठोस पदार्थ मिला। मौके पर मौजूद कर्मी उस पदार्थ की पहचान नहीं कर सके। इसलिए आगे की जांच के लिए दिल्ली मेट्रो रेल पुलिस (DMRP) को बुलाया गया।
इसके बाद यात्री को उसके सामान समेत पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस को मामले की आगे जांच करनी है। उपलब्ध जानकारी में बरामद पदार्थ की वास्तविक प्रकृति या यात्री के खिलाफ किसी अपराध की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा।
असम के अभिषेक वर्मा को मिला DG का प्रशस्ति प्रमाणपत्र
अभिषेक वर्मा असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले के रहने वाले हैं। वह दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) से जुड़ी CISF इकाई में तैनात हैं। उन्होंने 29 मई 2018 को सीधे भर्ती प्रक्रिया के जरिए CISF में सेवा शुरू की थी।
CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने जवान की सतर्कता, सूझबूझ और तेजी से कार्रवाई करने की क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि अभिषेक की तत्परता और पेशेवर रवैया सुरक्षा व्यवस्था के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। मेट्रो में रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऐसी सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण है।
बल के अनुसार, इस घटना में अभिषेक की व्यक्तिगत मुस्तैदी के साथ उनकी टीम की सतर्कता ने भी अहम भूमिका निभाई। सुरक्षा जांच के दौरान कुछ ही सेकंड में लिया गया सही निर्णय संभावित जोखिम की जांच सुनिश्चित करने में मददगार साबित हुआ। जवान को मिला सम्मान दिल्ली मेट्रो के सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी और सतत निगरानी के महत्व को भी रेखांकित करता है।

