ITBP Raising Day: पीएम मोदी ने हिमवीरों को किया सलाम, जवानों के साहस की सराहना
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमवीरों के साहस, समर्पण और देश के प्रति निस्वार्थ सेवा की सराहना की। 24 अक्टूबर को मनाए जाने वाले ITBP Raising Day के अवसर पर प्रधानमंत्री ने जवानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका अदम्य साहस और कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने का जज्बा पूरे देश के लिए प्रेरणा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ITBP के जवानों और उनके परिवारों को स्थापना दिवस की बधाई दी। तीनों नेताओं ने देश की सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा में बल के योगदान को सराहा।
पीएम मोदी ने हिमवीरों के बलिदान को बताया प्रेरणादायक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में ITBP के सभी जवानों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिमवीरों ने असाधारण वीरता का परिचय देते हुए हर चुनौती का दृढ़ता से सामना किया है।
प्रधानमंत्री ने जवानों की निस्वार्थ सेवा और बलिदान को राष्ट्र के लिए बड़ी प्रेरणा बताया। ITBP के जवानों को हिमवीर कहा जाता है, क्योंकि वे हिमालय के दुर्गम इलाकों में बेहद कठिन मौसम के बीच देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवानों के साथ उनके परिवारों के योगदान को भी महत्व दिया। उन्होंने कहा कि ITBP के जवान विषम जलवायु परिस्थितियों में सीमाओं की सुरक्षा करते हैं। इसके अलावा, वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अभियानों सहित आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कार्यों में भी उनकी अहम भूमिका रही है।
On their Raising Day, greetings to all personnel of the ITBP.
The ITBP Himveers have distinguished themselves through their exceptional valour.
They have always risen to every challenge with remarkable determination.
Their selfless service and sacrifices are a source of immense inspiration to the nation.
@ITBP_official
— Narendra Modi (@narendramodi) October 24, 2026
भारत-चीन सीमा पर तैनात रहते हैं ITBP के जवान
ITBP की तैनाती भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर है। यह बल लगभग 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा की निगरानी करता है। इसके जवान लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात रहते हैं, जहां कम तापमान, बर्फबारी और ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतियां सामने आती हैं।
बल की जिम्मेदारी केवल सीमा पर निगरानी रखने तक सीमित नहीं है। सीमा उल्लंघन को रोकना, दुर्गम इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और सीमावर्ती आबादी में विश्वास कायम करना भी इसके महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी हिमवीरों की वीरता और देश के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद जवानों ने राष्ट्र की गरिमा की रक्षा के लिए साहस के उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। शाह ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को भी श्रद्धांजलि दी।
1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद हुआ था ITBP का गठन
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस का गठन 24 अक्टूबर 1962 को भारत-चीन युद्ध के बाद किया गया था। शुरुआत में इस बल में चार बटालियन थीं। समय के साथ इसकी जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र का विस्तार हुआ और यह भारत की प्रमुख सीमा सुरक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा बलों में शामिल हो गया।
सीमा सुरक्षा के अतिरिक्त ITBP के जवान आपदा राहत, नक्सल विरोधी अभियानों, चुनावी ड्यूटी और महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा जैसे कार्यों में भी तैनात किए जाते हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बचाव और राहत अभियान चलाने में भी इस बल का अनुभव महत्वपूर्ण है।
हर साल 24 अक्टूबर को स्थापना दिवस के अवसर पर ITBP मुख्यालय, नई दिल्ली और विभिन्न इकाइयों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें परेड, सांस्कृतिक आयोजन और शहीदों को श्रद्धांजलि देने जैसे कार्यक्रम शामिल होते हैं।
ITBP Raising Day केवल एक सुरक्षा बल के गठन की वर्षगांठ नहीं है, बल्कि उन जवानों के साहस, अनुशासन और त्याग को सम्मान देने का अवसर भी है, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं।

