लखनऊ हत्याकांड: जेल में बदली श्रद्धा और रश्मि की जिंदगी, ऐसे पकड़ी गईं
लखनऊ के रेस्टोरेंट कारोबारी शिव शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे की जिंदगी अब जेल की सख्त दिनचर्या के बीच गुजर रही है। क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद दोनों बहनों को गोसाईंगंज जिला जेल की सामान्य महिला बैरक में भेज दिया गया है। मामले में आरोपी ड्राइवर तनवीर उर्फ दानिश को भी सामान्य बैरक में शिफ्ट किया गया है। पुलिस इस मामले में आरोपियों के साथ-साथ उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर घटना के बाद उनकी मदद की थी।
जानकारी के मुताबिक, दोनों बहनों को गुरुवार को जेल में दाखिल कराया गया था और शुक्रवार को उन्हें 45 महिला कैदियों वाली बैरक में स्थानांतरित कर दिया गया। जेल प्रशासन के अनुसार, आरोपी धीरे-धीरे जेल के माहौल और नियमित दिनचर्या के अभ्यस्त हो रहे हैं।
जेल में बदली दिनचर्या, सामान्य कैदियों जैसा मिल रहा खाना
जेल पहुंचने के बाद श्रद्धा दुबे तनाव में दिखाई दी। रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार रात उसे पहली बार भोजन में उड़द की दाल, रोटी और आलू-सोया-मेथी की सब्जी दी गई, लेकिन वह खाना पूरा नहीं खा सकी। दोनों बहनों की पहली रात भी बेचैनी में गुजरी।
शुक्रवार सुबह जेल के नियमों के अनुसार उन्हें छह बजे जगा दिया गया। नाश्ते में मीठा दलिया और चाय दी गई। दोपहर के भोजन में उड़द की दाल, राजमा, आलू-लौकी की सब्जी, चावल और रोटी शामिल थे। रात के खाने में अरहर की दाल, आलू-कद्दू की सब्जी और रोटी परोसी गई।
जेल अधिकारियों के मुताबिक, दोनों बहनों को अन्य महिला बंदियों की तरह ही भोजन दिया जा रहा है। शुक्रवार को उनसे मिलने कोई रिश्तेदार नहीं पहुंचा। दोनों ज्यादातर समय शांत रहीं और दूसरी कैदियों से बातचीत करने से बचती दिखीं। हालांकि, वे कभी-कभी आपस में बात करती थीं।
जिला जेल के जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी के अनुसार, क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद श्रद्धा, रश्मि और दानिश को सामान्य बैरक में भेजा गया है। सुरक्षा के मद्देनजर दोनों बहनों की निगरानी महिला डिप्टी जेलर कर रही हैं, जबकि दानिश की जिम्मेदारी पुरुष डिप्टी जेलर को दी गई है।
शिव शर्मा की मौत के बाद मदद करने वालों की तलाश
जांच एजेंसियां अब उन लोगों का पता लगाने में जुटी हैं, जिन्होंने कारोबारी शिव शर्मा की मौत के बाद कथित तौर पर आरोपियों की मदद की। पुलिस के मुताबिक, शर्मा के इमारत से गिरने के बाद रश्मि ने कथित रूप से आमिर नाम के एक व्यक्ति को फोन किया था।
अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में काली टी-शर्ट पहने आमिर शेख को दानिश के साथ देखे जाने की बात सामने आई है। पुलिस उन संदिग्ध लोगों की तलाश कर रही है, जिनकी भूमिका मामले में सामने आ सकती है। हालांकि, किसी व्यक्ति की संलिप्तता जांच और अदालत में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही तय होगी।
शिव शर्मा की मौत 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज इलाके में बालू अड्डा के पास स्थित एक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। इसी घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जो श्रद्धा दुबे और उसके साथियों की गिरफ्तारी तक पहुंची।
व्हाट्सऐप कॉल और कैब ड्राइवर से मिला गिरफ्तारी का सुराग
पुलिस के अनुसार, श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश को 20 अक्टूबर को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस ने व्हाट्सऐप कॉल, इंटरनेट कनेक्शन से जुड़ी जानकारी और कैब ड्राइवर से मिली सूचनाओं का सहारा लिया।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, तीनों लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। वे कथित तौर पर किसी एक जगह पर 12 घंटे से कम समय रुकते थे, जिससे पुलिस को उनकी लोकेशन का पता लगाने में कठिनाई हो रही थी। इंटरनेट कनेक्शन से जुड़ी जानकारी मिलने में 14 से 15 घंटे तक लगने के कारण जांच टीम कई बार उनके पीछे रह जाती थी।
पुलिस ने उस कैब ड्राइवर का पता लगाया, जिसने तीनों को नागपुर पहुंचाया था। उससे पूछताछ के बाद जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली। पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा मुख्य रूप से दानिश के मोबाइल फोन से व्हाट्सऐप कॉल करती थी और यात्रा के दौरान कैब ड्राइवर के हॉटस्पॉट से इंटरनेट इस्तेमाल करने की बात भी जांच में सामने आई।
इसके बाद पुलिस ने नागपुर के चिंचभवन स्थित प्रो-जोन कैल्म अपार्टमेंट परिसर में एक फ्लैट तक आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया। 20 अक्टूबर की दोपहर पुलिस वहां पहुंची तो फ्लैट के अंदर मौजूद लोगों ने कथित तौर पर दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया। नागपुर पुलिस की मदद लेने के बाद दरवाजा खुलवाया गया और तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद आरोपियों को लखनऊ लाया गया। पुलिस ने गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए प्रत्येक आरोपी के संबंध में जानकारी देने वालों को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। सुरक्षा कारणों से तीनों की निर्धारित न्यायिक हिरासत संबंधी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराए जाने की बात कही गई है।

