कर्नाटक MLC चुनाव में BJP-JDS गठबंधन की जीत, कांग्रेस को बड़ा झटका
कर्नाटक: कर्नाटक विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल सेक्युलर (JDS) के गठबंधन को बड़ी सफलता मिली है। बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से गठबंधन के उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व विधान परिषद सदस्य पुट्टन्ना को हराकर जीत हासिल की। वहीं, उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए समर्थित उम्मीदवार शसील जी नामोशी ने भी बाजी मार ली।
23 अक्टूबर 2026 को हुए चुनाव के बाद मंगलवार, 27 अक्टूबर को मतगणना पूरी हुई। इन नतीजों को कर्नाटक की राजनीति में भाजपा-जेडीएस गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास तौर पर बेंगलुरु शिक्षक सीट पर जीत इसलिए अहम है, क्योंकि 2024 के उपचुनाव में पुट्टन्ना ने इसी सीट पर जेडीएस के एपी रंगनाथ को हराया था। इस बार परिणाम उलट गया।
बेंगलुरु शिक्षक सीट पर एपी रंगनाथ ने दर्ज की जीत
बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा-जेडीएस गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला था। मतगणना के दौरान एपी रंगनाथ ने कुल 10,810 वोट हासिल किए, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार पुट्टन्ना को 9,902 वोट मिले। इस तरह रंगनाथ ने 908 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
क्षेत्रीय आयुक्त और निर्वाचन अधिकारी अमलान आदित्य बिस्वास के अनुसार, मतगणना सुबह 8 बजे बेंगलुरु के डॉ. बीआर अंबेडकर वीधी स्थित सरकारी आर्ट्स कॉलेज में शुरू हुई थी। पहली वरीयता के मतों की गिनती के बाद रंगनाथ को विजेता घोषित किया गया।
इस चुनाव में कुल 27,405 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 22,468 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान का प्रतिशत 81.98 रहा। मतदान करने वालों में 8,360 पुरुष और 14,108 महिलाएं शामिल थीं। कुल 21,056 मत वैध पाए गए, जबकि 1,857 मत निरस्त कर दिए गए।
अन्य उम्मीदवारों में निर्दलीय उमेश बाबू पिल्लेगौड़ा को 215 वोट, कर्नाटक राष्ट्र समिति के जीआर हेब्बार को 94 वोट, निर्दलीय एन लक्ष्मण स्वामी को 24 वोट और निर्दलीय बीएस नागराजू को 11 वोट मिले।
उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट पर शसील जी नामोशी की जीत
उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी भाजपा-जेडीएस गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार शसील जी नामोशी ने जीत हासिल की। इस जीत के साथ गठबंधन ने हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र में शिक्षकों के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत होने का संकेत दिया है।
इस निर्वाचन क्षेत्र में कलबुर्गी, बीदर, यादगीर, रायचूर, कोप्पल और बल्लारी जिले शामिल हैं। चुनाव से पहले दोनों गठबंधन सहयोगियों ने इन क्षेत्रों में प्रचार अभियान चलाया था। पार्टी नेताओं ने जीत को शिक्षकों के समर्थन और जमीनी स्तर पर संगठन की सक्रियता से जोड़कर देखा।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट पर जीत का सटीक मतांतर और उम्मीदवारों के वोटों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है।
एचडी कुमारस्वामी ने जीत को बताया गठबंधन की ताकत
केंद्रीय मंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने बेंगलुरु शिक्षक सीट पर जीत के बाद गठबंधन के कार्यकर्ताओं, नेताओं और मतदाताओं का आभार जताया। सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे एनडीए की महत्वपूर्ण सफलता बताया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और जेडीएस के बीच बेहतर तालमेल ने इस जीत में अहम भूमिका निभाई।
जेडीएस युवा नेता निखिल कुमार ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव बैलेट पेपर से हुआ और राज्य में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद एनडीए उम्मीदवार ने जीत हासिल की। उनकी टिप्पणी राहुल गांधी की ओर से उठाए जाने वाले कथित वोट चोरी के आरोपों के संदर्भ में थी।
कर्नाटक विधान परिषद के इन चुनाव परिणामों से भाजपा-जेडीएस गठबंधन को राजनीतिक बढ़त मिली है। हालांकि, इन नतीजों के आधार पर आगामी विधानसभा चुनावों के परिणामों का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गठबंधन इस चुनावी सफलता को व्यापक राजनीतिक समर्थन में कितना बदल पाता है।

