अखिलेश यादव की EC से मांग, बोले- चुनावी गड़बड़ियों के हलफनामों पर हो कार्रवाई
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने चुनाव से जुड़ी गड़बड़ियों के संबंध में हजारों हलफनामे जुटाए हैं और अब निर्वाचन आयोग को इन दस्तावेजों पर संज्ञान लेना चाहिए। अखिलेश ने हालिया घटनाक्रम को एक अच्छी शुरुआत बताते हुए चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग उनकी पार्टी की ओर से एकत्र किए गए हलफनामों और उनमें दर्ज शिकायतों की भी जांच करेगा। हालांकि, इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से क्या कदम उठाया गया है, इसकी जानकारी संबंधित बयान में नहीं दी गई है।
हजारों हलफनामों के आधार पर जांच की मांग
अखिलेश यादव के मुताबिक, समाजवादी पार्टी ने कथित चुनावी गड़बड़ियों से प्रभावित मतदाताओं और मतदान एजेंटों से जुड़े दस्तावेज जुटाए हैं। पार्टी का दावा है कि इन हलफनामों में मतदान के दौरान सामने आई अनियमितताओं का विवरण दर्ज है। सपा लंबे समय से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाती रही है।
पार्टी ने पहले भी आरोप लगाया है कि कुछ जगहों पर मतदाताओं को वोट डालने में परेशानी हुई और प्रशासनिक स्तर पर पक्षपात किया गया। अखिलेश की ताजा मांग का मुख्य उद्देश्य इन शिकायतों की जांच कराना है। हालांकि, हलफनामों में दर्ज आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और चुनाव आयोग की जांच के बाद ही उनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
MLC चुनाव में धांधली को लेकर BJP पर लगाए आरोप
इससे पहले 23 अक्टूबर को अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि कुछ जिलों में मतदाताओं को मतदान से रोकने की कोशिश हुई और प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम किया।
अखिलेश ने आगरा, फतेहपुर, इटावा, औरैया, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और नोएडा सहित कई क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा था कि भाजपा को संभावित हार का अंदेशा होने के कारण कथित अनियमितताओं का सहारा लिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिक्षक और स्नातक मतदाताओं में सरकार के प्रति नाराजगी है और इसका असर चुनाव परिणामों में दिखाई देगा।
हालांकि, ये आरोप समाजवादी पार्टी प्रमुख के बयान पर आधारित हैं। उपलब्ध जानकारी में भाजपा की ओर से इन विशिष्ट आरोपों का जवाब शामिल नहीं है। ऐसे में आरोपों और उनकी पुष्टि को अलग-अलग समझना जरूरी है।
चलो अच्छी शुरुआत हुई, अब शायद चुनाव आयोग हमारे द्वारा चुनावी घपलों-घोटालों को लेकर जमा किये गये हज़ारों एफ़िडेविट्स का भी संज्ञान लेगा। https://t.co/BwRBk0CA9m
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 24, 2026
27 अक्टूबर को होगी मतगणना, ‘हिंदुस्तानियत’ पर भी बोले अखिलेश
स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की संबंधित सीटों पर मतदान शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। इनमें इलाहाबाद-झांसी मंडल स्नातक और गोरखपुर-फैजाबाद मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है। परिणाम आने के बाद चुनावी मुकाबले की स्थिति और स्पष्ट होगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की घुसपैठियों के मतदान अधिकारों से जुड़ी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने देश की साझा संस्कृति और भाईचारे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारतीयता की भावना आपसी सम्मान, साथ आगे बढ़ने और सभी के साथ गरिमा से पेश आने पर आधारित है। उनके मुताबिक, लोगों को घुसपैठिया बताकर बांटने की कोशिशों के बावजूद देश की यह भावना कायम रहेगी।
अखिलेश ने अपने बयान में आरोप लगाने वालों पर भी पलटवार किया। उनका कहना था कि भारतीय समाज की एकता को ऐसे बयानों से नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता। इस तरह चुनावी अनियमितताओं के आरोपों के साथ-साथ मताधिकार और सामाजिक सौहार्द का मुद्दा भी राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

