ओडिशा को पीएम मोदी की बड़ी सौगात, RBI के नए डेटा सेंटर का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत में विकास का अर्थ केवल बड़े शहरों को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि गांवों, छोटे कस्बों और दूरदराज के इलाकों तक सुविधाएं पहुंचाना भी है।
प्रधानमंत्री ने इन नई संस्थागत सुविधाओं को देश की तकनीकी क्षमता और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके मुताबिक, इनका लाभ ओडिशा के साथ-साथ पूरे देश को मिल सकता है।
संतुलित विकास पर पीएम मोदी का जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में विकास की प्राथमिकताओं और शासन के तरीके में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए, ताकि कोई भी नागरिक बुनियादी सुविधाओं और अवसरों से वंचित न रहे।
मोदी ने आजादी के बाद के दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले बड़े शहरों में अस्पताल, हवाई अड्डे और अन्य संस्थान विकसित हुए, लेकिन कई छोटे शहरों और गांवों में सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी रही। दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी और हवाई संपर्क भी सीमित शहरों तक केंद्रित था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इन असमानताओं को कम करना है। उन्होंने एक्सप्रेसवे, छोटे शहरों में मेडिकल कॉलेज, विभिन्न राज्यों में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और गांवों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के विस्तार का उल्लेख किया। उनके अनुसार, डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ने से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए भी नए अवसर खुल रहे हैं।
डिजिटल बैंकिंग और जनधन खातों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले गरीब परिवारों, छोटे किसानों, महिलाओं और छोटे कारोबारियों के लिए बैंकिंग सुविधाएं हासिल करना मुश्किल था। उनके मुताबिक, डिजिटल बैंकिंग ने लोगों के लिए बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच आसान की है।
मोदी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली व्यवस्था पर निशाना साधते हुए ‘फोन बैंकिंग’ का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पहले प्रभावशाली लोगों को फोन के जरिए बड़े कर्ज मिल जाते थे, जबकि आम नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं और ऋण के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने इस व्यवस्था को बैंकिंग क्षेत्र में बढ़े गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) की समस्या से भी जोड़ा। ये आरोप प्रधानमंत्री के राजनीतिक संबोधन का हिस्सा थे।
प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया पहल और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक की मदद से सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचाने में मदद मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत देशभर में लगभग 59 से 60 करोड़ खाते खुलने का दावा भी किया।
छोटे कारोबारियों और महिलाओं तक पहुंचीं वित्तीय योजनाएं
मोदी ने कहा कि औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था का विस्तार छोटे उद्यमियों, पारंपरिक कारीगरों, रेहड़ी-पटरी लगाने वालों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तक हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों के जरिए अलग-अलग वर्गों को वित्तीय सहायता और बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को मिली सहायता और RuPay डेबिट तथा क्रेडिट कार्ड के विस्तार का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भूमिका निभाती है।
बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी चर्चा
प्रधानमंत्री ने कहा कि वित्तीय समावेशन के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा भी बढ़ा है। उन्होंने अटल पेंशन योजना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इसके तहत देशभर में नौ करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज मिला है, जिनमें ओडिशा के 38 लाख लोग शामिल हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत सालाना 20 रुपये के प्रीमियम पर दो लाख रुपये तक के दुर्घटना बीमा कवर और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का भी जिक्र किया। इन योजनाओं का उद्देश्य कम लागत पर लोगों को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
भुवनेश्वर में RBI के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन ऐसे समय हुआ है, जब बैंकिंग सेवाओं में डिजिटल तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इन संस्थानों की भूमिका और उनसे मिलने वाले वास्तविक लाभों का आकलन उनके संचालन, सुरक्षा क्षमता और भविष्य के परिणामों के आधार पर किया जाएगा।

