अंकिता भंडारी केस: उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, BJP से पूछा- नार्को टेस्ट से पहले कार्रवाई क्यों?
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक हलचल तेज हो गई है। अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के समय पर कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने सवाल उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को घेरा है। उन्होंने पूछा कि जब उर्मिला सनावर नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार थीं, तो प्रस्तावित जांच से ठीक पहले उनके खिलाफ नया मामला दर्ज कर गिरफ्तारी क्यों की गई?
26 अक्टूबर को सामने आए अपने बयान में कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अंकिता भंडारी मामले में कथित ‘VIP’ की भूमिका से जुड़े सवालों के जवाब सामने आने से रोकना हो सकता है। हालांकि, यह कांग्रेस नेता का आरोप है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर गिरफ्तारी और नार्को टेस्ट के बीच किसी साजिश की पुष्टि नहीं होती है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड पहले से ही संवेदनशील मामला रहा है। अब उर्मिला सनावर से जुड़ी कार्रवाई और वायरल ऑडियो क्लिप की जांच ने इसे फिर से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
नार्को टेस्ट से पहले गिरफ्तारी पर कुमारी सैलजा ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गिरफ्तारी के समय पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि उर्मिला सनावर ने जांच एजेंसियों के सामने अपनी जानकारी साझा की थी और नार्को टेस्ट के लिए सहमति देने की बात भी कही थी।
सैलजा ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित टेस्ट से ठीक पहले नया मामला दर्ज करके गिरफ्तारी करना संदेह पैदा करता है। उन्होंने BJP सरकार से पूछा कि आखिर इस कार्रवाई की जरूरत उसी समय क्यों पड़ी। उनके मुताबिक, अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका से जुड़े सवालों का निष्पक्ष तरीके से जवाब मिलना चाहिए। हालांकि, गिरफ्तारी के आधिकारिक आधार और जांच एजेंसियों के पक्ष की विस्तृत जानकारी के बिना कार्रवाई के उद्देश्य पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
वायरल ऑडियो क्लिप की जांच कर रही CBI
इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) वायरल ऑडियो क्लिप से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी ने उर्मिला सनावर को नार्को एनालिसिस और पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए उनकी स्वैच्छिक सहमति जानने के उद्देश्य से नोटिस जारी किया था।
उर्मिला सनावर ने बताया था कि 18 अक्टूबर को उनसे करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई थी। इसके बाद जांच एजेंसी ने उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया। नोटिस में यह स्पष्ट किया गया था कि संबंधित जांच के लिए उनकी सहमति बिना किसी दबाव, धमकी या अनुचित प्रभाव के ली जानी है। नार्को टेस्ट जैसी प्रक्रिया में सहमति और कानूनी निर्देशों का पालन महत्वपूर्ण होता है।
सनावर ने यह भी कहा था कि वह जांच में सहयोग करने और अपने पास उपलब्ध जानकारी साझा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने जांच की गति बढ़ने पर संतोष जताया, लेकिन सवाल उठाया कि मामले की जांच पहले तेजी से क्यों नहीं आगे बढ़ी। उनके अनुसार, पीड़ित परिवार के विरोध प्रदर्शन और विपक्ष की ओर से मुद्दा उठाए जाने के बाद जांच में तेजी दिखाई दी।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा सरकार आखिर किसे बचाने के लिए इतनी बेचैन है?
उर्मिला सनावर नार्को टेस्ट के लिए तैयार थीं। कल उनका नार्को टेस्ट होना था, लेकिन उससे ठीक पहले भाजपा सरकार ने उनके खिलाफ नया मामला दर्ज किया और आज उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
यह गिरफ्तारी भाजपा सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आखिर नार्को टेस्ट से पहले ही यह कार्रवाई क्यों की गई?
ये सीधा सीधा VIP की भूमिका का सच सामने आने से रोकने की कोशिश है।
— Kumari Selja (@Kumari_Selja) October 25, 2026
अंकिता भंडारी केस में कथित VIP की भूमिका पर विवाद
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। वायरल ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद इन चर्चाओं ने दोबारा जोर पकड़ा। इस बीच, पूर्व भाजपा नेता दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति के बाद भी राजनीतिक विवाद बढ़ने की बात रिपोर्ट में कही गई है। हालांकि, किसी व्यक्ति की नियुक्ति अपने आप में इस मामले में उसकी संलिप्तता का प्रमाण नहीं है।
कुमारी सैलजा ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर BJP सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं, जबकि जांच का वास्तविक उद्देश्य और गिरफ्तारी के आधार आधिकारिक तथ्यों से ही स्पष्ट हो सकेंगे। मामले में निष्पक्ष जांच, उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल और कानूनी प्रक्रिया का पालन सबसे महत्वपूर्ण है।
फिलहाल, उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और प्रस्तावित नार्को टेस्ट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। अब जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी पर नजर रहेगी, जिससे मामले से जुड़े सवालों पर अधिक स्पष्टता आ सकेगी।

