खड़गे के बयान पर राजनाथ सिंह आहत, बोले- राजनीति में मर्यादा भूल गई कांग्रेस
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वह इससे आहत और हैरान हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर राजनीतिक विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा भूलने का आरोप लगाया। पटना में एक कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना को लेकर भाजपा के कई नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।
रविवार, 25 अक्टूबर को राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर इस तरह की टिप्पणी भारतीय राजनीति की गरिमा के अनुकूल नहीं है। रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता पहले भी प्रधानमंत्री की साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनकी दिवंगत मां को लेकर अनुचित टिप्पणियां करते रहे हैं। उनके मुताबिक, अब इस तरह की भाषा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है।
राजनाथ सिंह ने खड़गे की टिप्पणी पर जताई नाराजगी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करना, प्रधानमंत्री से सवाल पूछना और फैसलों की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है। लेकिन राजनीतिक मतभेदों को व्यक्तिगत टिप्पणी और परिवार पर निशाना साधने तक नहीं ले जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत कटाक्ष में बदल रही है। राजनाथ सिंह के अनुसार, इस तरह की राजनीति से केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार की भावनाएं प्रभावित नहीं होतीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में संवाद की गरिमा भी कमजोर होती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बयान से देश के करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। हालांकि, ये आरोप रक्षा मंत्री की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं।
पटना में क्या हुआ था, जिससे शुरू हुआ विवाद?
यह विवाद पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे के संबोधन के बीच शुरू हुआ। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस टिप्पणी के जवाब में खड़गे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इसके बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई।
भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल अनुचित है। दूसरी ओर, इस घटना के संदर्भ में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने पहले खड़गे का बचाव करते हुए दावा किया था कि उनकी टिप्पणी का आशय प्रधानमंत्री के वैचारिक मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से था। इस तरह विवाद में केवल बयान ही नहीं, बल्कि उसके संदर्भ और अर्थ को लेकर भी दोनों दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं।
निशिकांत दुबे और पंकज चौधरी ने भी कांग्रेस को घेरा
इस मामले में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की। उन्होंने खड़गे और राहुल गांधी को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक बयानबाजी और तीखी हो गई। हालांकि, उनके बयान में इस्तेमाल किए गए व्यक्तिगत शब्दों ने बहस को नीतिगत मुद्दों से हटाकर नेताओं पर हमलों की ओर मोड़ दिया।
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी खड़गे की टिप्पणी को अनुचित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर पहले भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं। चौधरी ने दावा किया कि इस तरह की बयानबाजी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश है। ये आरोप भाजपा नेताओं के हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
कुल मिलाकर, पटना में खड़गे की टिप्पणी के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक मर्यादा से जुड़ा मुद्दा बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से बयान के संदर्भ को लेकर सफाई दी गई है। इस विवाद ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में तीखी राजनीतिक आलोचना और व्यक्तिगत टिप्पणी के बीच मर्यादा की सीमा कहां तय होनी चाहिए।

