योगी आदित्यनाथ का अखिलेश यादव पर हमला, बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर पूछा सवाल
उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि उन्हें कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों से इतना लगाव क्यों है। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद इन दलों ने किसानों, गरीबों, युवाओं और महिलाओं की समस्याओं को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी।
कानपुर में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगाइयों और लुटेरों का समर्थन करने, परिवार को राज्य के हितों से ऊपर रखने तथा किसानों, दलितों, गरीबों और युवाओं का अपमान करने वाली राजनीति से प्रदेश का विकास नहीं हो सकता। उन्होंने विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने और कथित अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर उचित रुख नहीं अपनाने का आरोप भी लगाया।
योगी आदित्यनाथ की इन टिप्पणियों से उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने के संकेत मिले हैं। हालांकि, बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर लगाए गए आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और ठोस प्रमाणों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
अखिलेश यादव से योगी आदित्यनाथ ने पूछा सीधा सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए पूछा कि उन्हें बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रति इतना लगाव क्यों है। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे घुसपैठ के मुद्दे पर सरकार के रुख पर सवाल उठाते हैं, लेकिन किसानों और युवाओं की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते।
योगी ने अपने संबोधन में रोजगार, गरीबी, महिला सुरक्षा और किसानों की स्थिति का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि प्रदेश में विकास के लिए ऐसी नीतियों की जरूरत है, जिनमें आम नागरिकों के हितों को प्राथमिकता मिले। उन्होंने सपा और कांग्रेस के पुराने शासनकाल पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इन दलों ने अपने कार्यकाल में जनता की अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया।
मुख्यमंत्री के बयान को विपक्ष के खिलाफ भाजपा की राजनीतिक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, किसानों, रोजगार और महिला सुरक्षा जैसे विषयों पर सरकारों के प्रदर्शन का मूल्यांकन संबंधित आंकड़ों और नीतिगत परिणामों के आधार पर किया जाना चाहिए।
कानपुर को ₹411 करोड़ की 48 विकास परियोजनाओं की सौगात
राजनीतिक बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर नगर में विकास कार्यों को लेकर भी अहम कार्यक्रम में हिस्सा लिया। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उन्होंने बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों में 48 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹411 करोड़ से अधिक बताई गई है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि वह बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि का दौरा करेंगे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित करने की भी योजना थी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है।
योगी सरकार का कहना है कि प्रदेश में स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ तकनीक और नवाचार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में लखनऊ में GCC Innovation Summit 2026 शुरू करने की घोषणा का उल्लेख किया गया। इसका उद्देश्य वैश्विक तकनीकी शोध और युवाओं के लिए उच्च कौशल वाले रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित करना है।
लखनऊ में जनता दर्शन, मुख्यमंत्री ने सुनीं लोगों की शिकायतें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में जनता दर्शन कार्यक्रम के जरिए आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान नागरिकों ने अपनी शिकायतें और आवेदन मुख्यमंत्री के सामने रखे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामलों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिकायतों की प्रतियां अधिकारियों को सौंपते हुए उनके समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया। जनता दर्शन सरकार और नागरिकों के बीच सीधे संवाद का एक माध्यम है, जहां लोग अपनी समस्याएं शीर्ष प्रशासनिक स्तर तक पहुंचा सकते हैं।
इस तरह सोमवार को मुख्यमंत्री का कार्यक्रम राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, कानपुर में विकास परियोजनाओं और जनशिकायतों के समाधान पर केंद्रित रहा। एक ओर उन्होंने विपक्ष पर तीखे सवाल उठाए, वहीं दूसरी ओर विकास और प्रशासनिक जवाबदेही को सरकार की प्राथमिकताओं के रूप में पेश किया।

