पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा ऐलान, 4 नवंबर को संगरूर जाएंगे राहुल गांधी
पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। कांग्रेस ने राज्य में अपनी संगठनात्मक तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि पार्टी फरवरी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद पंजाब में सरकार बनाएगी। उन्होंने राज्य में बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या को लेकर भगवंत मान सरकार की आलोचना भी की।
चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठकों के बाद वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर से मिले फीडबैक के आधार पर आगामी चुनाव की रणनीति तैयार की जा रही है। उनके मुताबिक, जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, सांसदों और चुनाव लड़ चुके उम्मीदवारों के साथ चर्चा की गई है।
कांग्रेस ने इसी क्रम में अपने चुनावी अभियान को गति देने का संकेत दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 4 नवंबर 2026 को पंजाब के संगरूर में एक बड़े कार्यक्रम में शामिल होंगे। कांग्रेस इस कार्यक्रम को राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियों के विस्तार के रूप में देख रही है।
राहुल गांधी के संगरूर दौरे पर टिकी नजरें
कांग्रेस नेता सचिन पायलट के अनुसार, राहुल गांधी का 4 नवंबर का कार्यक्रम पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है। संगरूर को मुख्यमंत्री भगवंत मान का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी के दौरे के दौरान राज्य की मौजूदा परिस्थितियों और पार्टी की आगामी रणनीति को जनता के सामने रखा जाएगा।
पायलट ने कहा कि पंजाब कांग्रेस ने पंचायत, ब्लॉक, मंडल, जिला और राज्य स्तर पर संगठन को मजबूत करने की योजना बनाई है। इसके लिए पार्टी के उम्मीदवारों, सांसदों, पूर्व मंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यसमिति के सदस्यों के साथ चर्चा की गई है।
उन्होंने पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि पंजाब कांग्रेस के नेता मिलकर आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। पायलट ने वरिष्ठ नेताओं के एक साथ बैठक करने और आपसी सहयोग का उदाहरण भी दिया।
बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर AAP को घेरा
केसी वेणुगोपाल ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में बेरोजगारी और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी समस्याएं गंभीर बनी हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं और कई परिवार असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।
वेणुगोपाल ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं; इनके समर्थन में इस बयान के साथ अलग से कोई विस्तृत आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया गया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी पंजाब में शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। पार्टी ने नशे की समस्या को आगामी चुनाव में प्रमुख मुद्दा बनाने के संकेत दिए हैं।
2027 के चुनाव के लिए कांग्रेस ने तेज की संगठनात्मक तैयारी
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। कांग्रेस की ओर से हालिया बैठकों और राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को चुनावी तैयारियों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी नेतृत्व का जोर संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने और स्थानीय नेताओं के साथ समन्वय बढ़ाने पर है। कांग्रेस ने राज्य में सरकार बनाने का दावा किया है, जबकि चुनाव में मतदाताओं का रुख कई मुद्दों और राजनीतिक दलों के अभियानों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल, 4 नवंबर को संगरूर में होने वाले राहुल गांधी के कार्यक्रम पर नजर रहेगी। इस दौरान कांग्रेस किन मुद्दों को प्राथमिकता देती है और राज्य सरकार के खिलाफ उसका अभियान किस दिशा में आगे बढ़ता है, यह आगामी राजनीतिक गतिविधियों से स्पष्ट होगा।

