‘बैलेट पेपर हो या EVM, जीत BJP की होगी’, शोभा करंदलाजे का विपक्ष पर हमला
कर्नाटक के तुमकुर में केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की विपक्षी मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) का समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि मतदान के लिए बैलेट पेपर इस्तेमाल किया जाए या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), बीजेपी को जीत हासिल होगी। उनके इस बयान से चुनावी प्रक्रिया और मतदान प्रणाली को लेकर सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच चल रही राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है।
गुरुवार, 29 अक्टूबर को समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में करंदलाजे ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहा है, जबकि हाल के विधान परिषद चुनावों में भी कागजी मतपत्रों के जरिए मतदान हुआ था।
केंद्रीय मंत्री ने इन चुनावों के नतीजों का हवाला देते हुए दावा किया कि बैलेट पेपर से मतदान होने के बावजूद बीजेपी को कई जगहों पर सफलता मिली। उनके मुताबिक, चुनाव में जीत का आधार पार्टी को मिलने वाला जनसमर्थन है, न कि मतदान का तरीका।
बैलेट पेपर से हुए चुनावों के नतीजों का दिया हवाला
शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक विधान परिषद चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की। इन चुनावों में बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) यानी JD(S) गठबंधन ने मुकाबला किया था।
कर्नाटक में पश्चिम स्नातक, दक्षिण-पूर्व स्नातक, उत्तर-पूर्व शिक्षक और बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ था। नतीजे 27 अक्टूबर को घोषित किए गए, जबकि मतदान 23 अक्टूबर को हुआ था। एनडीए की चारों सीटों पर जीत के बाद बीजेपी और जेडीएस नेताओं ने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया।
करंदलाजे ने महाराष्ट्र और गुजरात के चुनाव परिणामों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों में बीजेपी को कई स्थानों पर जीत मिली है। हालांकि, अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों से किसी एक मतदान प्रणाली की निष्पक्षता या विश्वसनीयता पर अपने आप अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
पीएम मोदी की टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने दी चुनौती
बैलेट पेपर को लेकर यह बहस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी के बाद और तेज हुई, जिसमें उन्होंने कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में एनडीए की जीत का उल्लेख किया था। एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में बैलेट पेपर से हुए विधान परिषद चुनावों का जिक्र किया और कांग्रेस की जीत को लेकर सवाल उठाया।
इसके जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को चुनौती दी कि यदि उन्हें बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर आपत्ति नहीं है, तो लोकसभा चुनाव भी इसी तरीके से कराए जाएं। ANI से बातचीत में खड़गे ने कहा कि सरकार को विपक्ष की मांग का मजाक उड़ाने के बजाय इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। जहां कांग्रेस बैलेट पेपर से मतदान की मांग उठा रही है, वहीं बीजेपी नेता हालिया चुनावी परिणामों को विपक्ष के तर्कों के जवाब के तौर पर पेश कर रहे हैं।
कर्नाटक से बिहार तक चुनावी नतीजों पर सियासत
हालिया विधान परिषद चुनावों में एनडीए का प्रदर्शन बीजेपी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। कर्नाटक में चारों सीटें जीतने के अलावा, उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 11 में से छह सीटें हासिल कीं। बिहार में भी बीजेपी ने चार सीटों पर जीत दर्ज की।
महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस को जीत मिली। इन परिणामों के बाद दोनों पक्ष अपनी-अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत बताने में जुटे हैं। बीजेपी और जेडीएस के नेताओं ने कर्नाटक के नतीजों को भविष्य की राजनीति से भी जोड़ा है।
कुल मिलाकर, बैलेट पेपर बनाम EVM की बहस अब चुनावी नतीजों और राजनीतिक आरोपों के केंद्र में आ गई है। शोभा करंदलाजे का बयान इसी विवाद की अगली कड़ी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष की मांग पर सत्तापक्ष क्या रुख अपनाता है और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर आगे किस तरह की चर्चा होती है।

