अखिलेश यादव ने डाला वोट, बोले- एक-एक मत से बचेगा लोकतंत्र और संविधान
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को इटावा जिले में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय में बने मतदान केंद्र पर स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए वोट डाला। मतदान के बाद अखिलेश यादव ने लोगों से लोकतंत्र और देश के संविधान की रक्षा के लिए बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए।
अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाताओं का एक-एक वोट लोकतंत्र और संविधान को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें और चुनाव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
अखिलेश यादव की मतदाताओं से खास अपील
मतदान के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाताओं को अपने वोट की ताकत समझनी चाहिए। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए मतदान बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अंतिम समय तक मतदान के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि जनता अपने वोट के माध्यम से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा कर सकती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों में विधान परिषद की विभिन्न सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने चुनावी व्यवस्था को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में चुनाव की जिम्मेदारी ऐसे अधिकारियों को दी गई है, जिनकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, ये आरोप समाजवादी पार्टी प्रमुख के बयान पर आधारित हैं।
बीजेपी पर लगाए चुनावी गड़बड़ी के आरोप
अखिलेश यादव ने दावा किया कि आगरा, फतेहपुर, गोरखपुर और जौनपुर समेत कई जिलों से उन्हें ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें समाजवादी पार्टी के पक्ष में मतदान करने वाले मतदाताओं को परेशान किए जाने की बात कही गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर बीजेपी समर्थकों और कथित तौर पर भ्रष्ट अधिकारियों के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह की गतिविधियां भविष्य के चुनावों में भी देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। अखिलेश यादव ने भरोसा जताया कि जनता मतदान के जरिए अपना जवाब देगी।
इस बीच, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने भी मतदान किया। उन्होंने दावा किया कि इटावा, फिरोजाबाद और आगरा में पार्टी के पक्ष में माहौल है, जबकि अलीगढ़ में समर्थन सबसे अधिक है। उन्होंने शिक्षकों की सीट से आकाश अग्रवाल और स्नातक सीट पर भी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों की जीत का भरोसा जताया।
यूपी की 11 विधान परिषद सीटों पर मतदान
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है। इनमें पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। स्नातक सीटों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त होना है। मतदान शुक्रवार सुबह 8 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया। मतगणना 27 अक्टूबर को होनी है, जबकि पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी करने का कार्यक्रम है।
उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी विधान परिषद की विभिन्न सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव कराए जा रहे हैं। इन राज्यों में मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण सीटें रिक्त हो रही हैं। अब सभी की नजरें मतगणना पर रहेंगी, जिससे उम्मीदवारों की चुनावी स्थिति स्पष्ट होगी।

