अखिलेश यादव ने सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई मांगी, BJP पर निशाना
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य हिरासत में लिए गए लोगों की तत्काल रिहाई की मांग की है। मंगलवार, 20 अक्टूबर को लखनऊ में उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दबाव के कारण इन लोगों को जेल में रखा जा रहा है। अखिलेश ने कहा कि कानून और संविधान के दायरे में ही किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगाई जा सकती है।
इस दौरान सपा प्रमुख ने आगामी चुनावों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची दुरुस्त कराने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने साफ कहा कि चुनावी तैयारी में मतदाता सूची की शुद्धता बेहद अहम है। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करेगी।
सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई की मांग
अखिलेश यादव ने कहा कि सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य लोगों को अनावश्यक रूप से हिरासत में रखा गया है और उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस मामले से जुड़े वीडियो सबूत उपलब्ध हैं और संबंधित पक्षों को घटनाक्रम की जानकारी है। हालांकि, उनके इन आरोपों पर भाजपा की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
यह मामला दिल्ली के जंतर-मंतर से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य लोगों को कथित तौर पर प्रतिबंधित protest स्थल पर प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद दास और रांका को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
सोमवार को दोनों को दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस थाने से दोबारा न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई। उनके वकीलों के अनुसार, जमानत के लिए पेश किए गए जमानतदार के दस्तावेजों में कथित विसंगति के कारण जमानत प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जमानतदार के सत्यापन को लेकर बार-बार आपत्तियां उठाई जा रही थीं, जिससे संबंधित लोगों की स्वतंत्रता प्रभावित हुई।
मतदाता सूची पर फोकस, 26 नवंबर को आएगा सपा का घोषणापत्र
अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि आगामी चुनावों में मजबूत तैयारी के लिए मतदाता सूची की जांच लगातार जारी रखनी होगी। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SSR) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं को नामांकन की अंतिम तारीख तक सतर्क रहने की सलाह दी।
सपा प्रमुख के मुताबिक, मतदाता सूची में गलतियों को समय रहते ठीक कराना जरूरी है, क्योंकि सूची में नाम या अन्य विवरणों से जुड़ी त्रुटियां चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर सक्रिय रहने और मतदाताओं के नाम की जांच करने को कहा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि समाजवादी पार्टी का घोषणापत्र 26 नवंबर, यानी संविधान दिवस पर जारी किया जाएगा। इस घोषणा को पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा और चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए चुनाव में कथित वोट चोरी और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर लोगों में नाराजगी है। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इन मुद्दों को लगातार उठाया है।
सपा प्रमुख ने कहा कि जब लोगों को न्याय नहीं मिलता और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती, तो असंतोष बढ़ सकता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अपना मुख्य ध्यान चुनावी तैयारियों और मतदाता सूची की शुद्धता पर बनाए रखने की अपील की।
हालांकि, वोट चोरी और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अखिलेश यादव के आरोप राजनीतिक दावों के रूप में सामने आए हैं। इन मुद्दों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही पूरे मामले का निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

