बिहार में दो गंभीर यौन अपराधों से चिंता, मोतिहारी में आठ आरोपी गिरफ्तार
बिहार में दुर्गा पूजा के दौरान दो गंभीर यौन अपराधों के मामले सामने आए हैं। मोतिहारी जिले में पति के साथ दुर्गा पूजा मेला देखने जा रही महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और उसके पति के साथ मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। मोतिहारी गैंगरेप मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। वहीं, अररिया जिले में छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला भी सामने आया है, जिसमें पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों घटनाएं महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ ऐसे मामलों में पीड़ितों की सुरक्षा, चिकित्सकीय सहायता और निष्पक्ष जांच भी अहम है।
मोतिहारी में मेला देखने जा रहे दंपति को रास्ते में घेरा
मिली जानकारी के अनुसार, घटना पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के बंजरिया सरेह के पास 18 अक्टूबर की सुबह करीब चार बजे हुई। महिला अपने पति के साथ शिवहर से मधुबन दुर्गा पूजा मेला देखने जा रही थीं।
आरोप है कि कुछ युवकों ने बाइक से जा रहे दंपति को रास्ते में रोक लिया। इसके बाद दोनों को सुनसान स्थान पर ले जाकर मारपीट की गई। शिकायत के अनुसार, महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उनके पति की भी पिटाई की गई।
मधुबन थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार पांडेय के हवाले से दी गई जानकारी में घटना की पुष्टि और पुलिस कार्रवाई का उल्लेख है। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आठ आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल फोन भी बरामद
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अम्बीकेश तिवारी, रिंकी कुमार, अंकुश कुमार, राहुल कुमार, कंचन कुमार, मुन्ना कुमार, रणधीर कुमार और अमित कुमार शामिल हैं। सभी आरोपी शिवहर जिले के श्यामपुर थाना क्षेत्र के लालगढ़ जिमी सिंह टोला गांव के बताए गए हैं।
दी गई जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने आरोपियों के पास से छह टचस्क्रीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। हालांकि, मोबाइल फोन का घटना में क्या इस्तेमाल हुआ और बरामदगी का जांच से क्या संबंध है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
अररिया में छह साल की बच्ची से दुष्कर्म का आरोप
इसी दौरान अररिया जिले से भी एक बच्ची के साथ यौन अपराध का मामला सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 32 वर्षीय पड़ोसी युवक पर छह साल की बच्ची को बिस्कुट देने का लालच देकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है।
बताया गया है कि घटना के समय बच्ची की मां खेत में काम करने गई थीं और बच्ची घर पर खेल रही थी। कुछ देर बाद बच्ची का बड़ा भाई उसे खोजते हुए खेत की ओर पहुंचा, जहां बच्ची बेहोशी की हालत में मिली। शोर मचने पर आरोपी के भागने की कोशिश करने की बात भी सामने आई है।
स्थानीय लोगों ने कथित आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने बच्ची को चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल भेजा और मामले में प्राथमिकी दर्ज की। दी गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना कानून और उसकी निजता, दोनों के लिहाज से अनुचित है। इसलिए बच्ची या उसके परिवार की पहचान बताने वाली अतिरिक्त जानकारी प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा क्यों है अहम?
इन घटनाओं से सार्वजनिक स्थानों, सुनसान रास्तों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता की जरूरत सामने आती है। हालांकि, किसी भी अपराध की जिम्मेदारी अपराध करने वाले व्यक्ति की होती है; सुरक्षा संबंधी सावधानियां पीड़ित को दोष देने का आधार नहीं बन सकतीं।
ऐसे मामलों में पुलिस को शिकायत की निष्पक्ष जांच, जरूरी साक्ष्य जुटाने और पीड़ितों को सुरक्षा उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। महिलाओं और बच्चों को चिकित्सकीय सहायता तथा जरूरत के अनुसार मनोसामाजिक सहयोग मिलना भी महत्वपूर्ण है।
अभिभावकों और स्थानीय समुदाय को बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए। किसी संदिग्ध घटना या तत्काल खतरे की स्थिति में पुलिस अथवा आपातकालीन सेवा से संपर्क करना चाहिए। बच्चों के साथ किसी अपराध की आशंका होने पर मामले को दबाने के बजाय संबंधित अधिकारियों को सूचना देना जरूरी है।
पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर रहेगी नजर
मोतिहारी और अररिया के दोनों मामले अलग-अलग जिलों की घटनाएं हैं। मोतिहारी में पुलिस ने आठ आरोपियों की गिरफ्तारी और छह मोबाइल फोन की बरामदगी की जानकारी दी है। अररिया में छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की बात कही गई है।
आगे की जांच में उपलब्ध साक्ष्यों, चिकित्सकीय रिपोर्ट और संबंधित बयानों की अहम भूमिका होगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि अदालत में कानूनी प्रक्रिया के जरिए होगी।

