शिवहर में मां कालरात्रि की पूजा करने पहुंचे मिंटू झा, श्रद्धालुओं से की खास अपील
शिवहर: दुर्गा पूजा के महासप्तमी अवसर पर समाजसेवी एवं भावी जिला परिषद उम्मीदवार अमरेंद्र कुमार झा उर्फ मिंटू झा ने शिवहर जिले के विभिन्न पूजा पंडालों में पहुंचकर मां भगवती की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मां कालरात्रि की आराधना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा लोगों के कल्याण की कामना की। शिवहर में मिंटू झा ने श्रद्धालुओं से दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने की अपील भी की।
मिंटू झा ने डुमरी कटसरी प्रखंड क्षेत्र के गाजीपुर, फूलकहां, नया गांव, श्यामपुर भटहा और लालगढ़ सहित कई स्थानों पर बने पूजा पंडालों का दौरा किया। उन्होंने पूजा समितियों और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर त्योहार के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया।
मां कालरात्रि की आराधना का बताया महत्व
पूजा के अवसर पर अमरेंद्र कुमार झा उर्फ मिंटू झा ने मां कालरात्रि की स्तुति करते हुए कहा कि नवरात्र में देवी के इस स्वरूप की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है। उन्होंने मां कालरात्रि को संकटों और भय से मुक्ति दिलाने वाली देवी के रूप में वर्णित किया।
उन्होंने देवी की स्तुति की पंक्तियां भी प्रस्तुत कीं—
या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि दुर्गा के सातवें स्वरूप के रूप में पूजी जाती हैं। भक्त उन्हें साहस, शक्ति और निर्भयता प्रदान करने वाली देवी मानते हैं। उनकी आराधना के माध्यम से श्रद्धालु जीवन की कठिनाइयों का सामना करने और नकारात्मक विचारों से दूर रहने की प्रेरणा लेते हैं।
भय और संकट से मुक्ति की आस्था से जुड़ी हैं मां कालरात्रि
मिंटू झा ने बताया कि मां कालरात्रि की पूजा श्रद्धालुओं के मन में साहस और आत्मविश्वास बढ़ाने की आस्था से जुड़ी है। धार्मिक विश्वास है कि सच्चे मन से देवी की आराधना करने से व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।
उन्होंने कहा कि नवरात्र केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मबल, अनुशासन और सकारात्मक सोच को मजबूत करने का अवसर भी देता है। इस दौरान श्रद्धालु पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दुर्गा सप्तशती के पाठ के माध्यम से मां दुर्गा की आराधना करते हैं।
मान्यता है कि मां कालरात्रि की उपासना से भय और संकट दूर होते हैं। हालांकि, ये धार्मिक आस्थाएं हैं, जिनका महत्व भक्तों की श्रद्धा और परंपराओं से जुड़ा है।
गाजीपुर से लालगढ़ तक पूजा पंडालों का किया दौरा
महासप्तमी के अवसर पर मिंटू झा ने डुमरी कटसरी प्रखंड के कई गांवों में स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों का निरीक्षण किया और मां भगवती के दर्शन किए। उनके दौरे में गाजीपुर, फूलकहां, नया गांव, श्यामपुर भटहा और लालगढ़ समेत अन्य स्थान शामिल रहे।
पूजा पंडालों में पहुंचकर उन्होंने स्थानीय श्रद्धालुओं से बातचीत की और दुर्गा पूजा के आयोजन को लेकर लोगों की भागीदारी देखी। इस दौरान उन्होंने त्योहार को आपसी सहयोग और सामाजिक सद्भाव के साथ मनाने पर जोर दिया।
दुर्गा पूजा के दौरान गांवों और कस्बों में पूजा पंडालों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। ऐसे आयोजनों में स्थानीय पूजा समितियों, युवाओं और आम लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
शांतिपूर्ण दुर्गा पूजा मनाने की श्रद्धालुओं से अपील
मिंटू झा ने लोगों से अनुरोध किया कि वे दुर्गा पूजा के दौरान शांति, सद्भाव और भाईचारे का माहौल बनाए रखें। उन्होंने कहा कि धार्मिक त्योहारों का उद्देश्य समाज में सकारात्मकता और एकता को मजबूत करना भी है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से पूजा समितियों के साथ मिलकर जिम्मेदारीपूर्वक आयोजन करने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। त्योहार के दौरान स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करना और सार्वजनिक स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है।
शिवहर जिले में दुर्गा पूजा के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं। ऐसे में शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पूजा समितियों, स्थानीय नागरिकों और प्रशासन के बीच सहयोग महत्वपूर्ण माना जाता है।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव का संदेश
अमरेंद्र कुमार झा उर्फ मिंटू झा का पूजा पंडालों में पहुंचना धार्मिक आस्था और स्थानीय लोगों से संवाद का अवसर रहा। इस दौरान उन्होंने मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना के साथ लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने का संदेश दिया।
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। भक्त इस पर्व को शक्ति, भक्ति और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाते हैं। पूजा-पंडालों में दर्शन करने के साथ श्रद्धालु परिवार और समाज की सुख-शांति की कामना भी करते हैं।

