इमरान मसूद का RSS पर पलटवार, बोले- मुस्लिम लीग के साथ सरकार चलाते थे इनके पूर्वज
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भारत विभाजन को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेता इंद्रेश कुमार के बयान पर पलटवार किया है। मसूद ने आरोप लगाया कि इंद्रेश कुमार को इतिहास की सही जानकारी नहीं है और उनके पूर्वज मुस्लिम लीग के साथ मिलकर पाकिस्तान के निर्माण की प्रक्रिया में शामिल थे। उनके इस बयान से कांग्रेस और RSS के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर तेज हो गया है।
इमरान मसूद ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि कांग्रेस पर विभाजन की जिम्मेदारी डालने से पहले इतिहास के दूसरे पहलुओं को भी देखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम लीग के साथ सरकार चलाने वाले लोग कांग्रेस में नहीं, बल्कि दूसरे राजनीतिक खेमे में थे। हालांकि, ये आरोप मसूद के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
भारत विभाजन पर इंद्रेश कुमार के बयान का जवाब
इमरान मसूद की प्रतिक्रिया RSS के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने भारत विभाजन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था। कुमार ने आरोप लगाया था कि विभाजन के बाद से ही कांग्रेस RSS के खिलाफ भ्रामक और निराधार बातें करती रही है।
इंद्रेश कुमार ने राहुल गांधी के RSS को लेकर दिए गए बयान पर भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने संगठन में महिलाओं की स्थिति पर उठाए गए सवालों को खारिज करते हुए कहा था कि संघ परिवार महिलाओं का सम्मान करता है। इस तरह विभाजन का मुद्दा अब कांग्रेस और RSS के बीच वैचारिक टकराव का नया केंद्र बन गया है।
मसूद ने अपने जवाब में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नेहरू ने वैचारिक मतभेदों के बावजूद श्यामा प्रसाद मुखर्जी को अपनी सरकार में शामिल होने का अवसर दिया था। मसूद के मुताबिक, मुखर्जी को भारी उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी, जो एक महत्वपूर्ण मंत्रालय था।
नेहरू और श्यामा प्रसाद मुखर्जी का भी किया जिक्र
कांग्रेस सांसद ने नेहरू के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि उस समय राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सरकार में सहयोग की गुंजाइश रखी गई थी। उन्होंने तर्क दिया कि नेहरू ने अपने विरोधी विचार रखने वाले नेता को भी मंत्रिमंडल में जगह दी थी।
मसूद का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस और RSS के बीच विचारधारा, इतिहास और महिलाओं की भागीदारी को लेकर बयानबाजी जारी है। राहुल गांधी ने हाल ही में RSS को पुरुष-प्रधान संगठन बताते हुए उस पर संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ होने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधा और संगठन में महिलाओं को सम्मान मिलने की बात कही।
इस विवाद में दोनों पक्ष अपने-अपने राजनीतिक और वैचारिक दृष्टिकोण को सामने रख रहे हैं। विभाजन की जिम्मेदारी को लेकर दिए जा रहे बयानों ने पुराने ऐतिहासिक मुद्दे को फिर से राजनीतिक बहस में ला दिया है।
उत्तर प्रदेश चुनाव और सपा के साथ गठबंधन पर क्या बोले मसूद?
बातचीत के दौरान इमरान मसूद से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे की चर्चाओं पर भी सवाल पूछा गया। रिपोर्टों में दावा किया गया था कि कांग्रेस ने सपा को 170 सीटों की सूची सौंपी है।
इस पर मसूद ने किसी संभावित सीट-बंटवारे की पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता अपनी पार्टी को मजबूत करना है। BJP को हराने के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के सवाल पर भी उन्होंने सीटों के बंटवारे को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच चुनावी तालमेल को लेकर आगे क्या रणनीति बनती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल इमरान मसूद और इंद्रेश कुमार के बयानों ने राजनीतिक बहस को गरमा दिया है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

