राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का हमला, PM मोदी से पूछे तीखे सवाल
अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दान की राशि से कथित चोरी का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप लेता जा रहा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तर प्रदेश दौरे से पहले इस मुद्दे को उठाते हुए उनसे जवाब मांगा है। उन्होंने मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए चंदे और चढ़ावे के हिसाब-किताब पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘चंदा चोरी, आस्था धोखा’ शीर्षक से पोस्ट साझा की। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में जिम्मेदार लोगों को बचाने और कथित गड़बड़ियों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, कांग्रेस नेता के आरोपों और मंदिर से जुड़े वित्तीय आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित पक्षों का जवाब इस विवाद में महत्वपूर्ण है।
राम मंदिर दान विवाद पर पीएम मोदी से जवाब की मांग
जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री राम मंदिर निर्माण का श्रेय लेने में आगे रहते हैं, लेकिन दान से जुड़े विवाद पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट में भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों की नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी जवाब मांगा। उनका कहना है कि मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी और कथित अनियमितताओं की सच्चाई सामने लाने की मांग करेगी।
चंदे और चढ़ावे की रकम को लेकर उठाए सवाल
जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में दावा किया कि वर्ष 2021 में निधि समर्पण अभियान और कोष में योगदान के जरिए कुल 3,264 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे। उन्होंने अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का हवाला देते हुए मंदिर में चढ़ावे के रूप में दर्ज रकम पर सवाल उठाए।
उनके मुताबिक, अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच करीब 16 करोड़ श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने का अनुमान था, जबकि इस अवधि में चढ़ावे की राशि 82.78 करोड़ रुपये बताई गई। कांग्रेस नेता ने इस आंकड़े को संदिग्ध बताते हुए पूछा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के बावजूद चढ़ावे की कुल रकम का पूरा हिसाब कैसे समझाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि देशभर से मंदिर के लिए कितना चंदा मिला, दानपात्रों और काउंटरों से कितनी राशि एकत्र हुई तथा कथित चोरी की वास्तविक रकम कितनी है। रमेश ने विशेष जांच दल (SIT) की जांच पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि चोरी की रकम करीब 80 लाख रुपये तक सीमित बताए जाने का आधार क्या है। ये सवाल कांग्रेस नेता की ओर से उठाए गए हैं; इनसे अपने आप किसी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि नहीं होती।
SIT की चार्जशीट में आठ आरोपियों के नाम
इस मामले में जांच से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पहलू विशेष जांच दल की ओर से स्थानीय अदालत में दाखिल चार्जशीट है। रिपोर्ट के अनुसार, SIT ने आठ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। इसमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को साक्ष्य के तौर पर शामिल किए जाने की बात कही गई है।
चार्जशीट के मुताबिक, आरोपी अविनाश शुक्ला पर दान की रकम गिनने के दौरान कथित तौर पर 85 बार पैसे निकालने का आरोप है। करुणेश पांडे पर दो बार चढ़ावे की रकम निकालने और 68 बार इसमें मदद करने का आरोप लगाया गया है। वहीं, मनीष कुमार यादव की कथित भूमिका 16 घटनाओं में बताई गई है, जबकि 19 बार रकम निकालने में मदद करने का आरोप है।
ये आरोप जांच एजेंसी की चार्जशीट में दर्ज दावों पर आधारित हैं। आरोपियों की दोषसिद्धि का फैसला अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा। इस बीच जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान इस विवाद पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

