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कर्नाटक स्टिंग केस में कुमारस्वामी का बड़ा आरोप, शिवकुमार और प्रियंक खड़गे पर साधा निशाना

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कर्नाटक की राजनीति में कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडीएस के नेता एचडी कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियंक खड़गे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को निशाना बनाने वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच को जेडीएस की ओर मोड़कर पार्टी के कार्यकर्ताओं को फंसाने की कोशिश की जा रही है।

शनिवार को होलेनरसिपुरा तालुक के माविनाकेरे बेट्टा स्थित श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत में कुमारस्वामी ने राज्य सरकार की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। हालांकि, ये आरोप कुमारस्वामी की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

स्टिंग ऑपरेशन की जांच को लेकर सरकार पर सवाल

कुमारस्वामी ने दावा किया कि कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर पत्रकार राकेश शेट्टी, कांग्रेस नेता कृपा अल्वा और उनके सहयोगियों के नाम सामने आए हैं। उनके मुताबिक, सिद्धारमैया और उनके बेटे यतींद्र भी इन लोगों का नाम ले चुके हैं। इसके बावजूद जांच का रुख जेडीएस के कार्यकर्ताओं की तरफ किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने ही सबसे पहले राज्य में इस स्टिंग ऑपरेशन का मुद्दा उठाया था। इसके बाद मामला पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को निशाना बनाने वाले कथित ऑपरेशन से जुड़ा। कुमारस्वामी का कहना है कि अब इसी मामले में उनकी पार्टी को घसीटने का प्रयास हो रहा है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि जेडीएस के वॉर रूम और सोशल मीडिया विंग से जुड़े युवा कार्यकर्ताओं के परिवारों के खिलाफ तलाशी वारंट जारी किए गए हैं। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त करके कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे डर का माहौल बनाने की कोशिश बताया।

प्रियंक खड़गे से पूछे सवाल, KPSC घोटाले का भी जिक्र

कुमारस्वामी ने गृह मंत्री प्रियंक खड़गे से सवाल किया कि कथित स्टिंग ऑपरेशन क्यों किया गया था और इसके पीछे क्या साजिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर स्टिंग करने का संदेह जताया जा रहा है, उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। कुमारस्वामी ने अग्रिम जमानत की प्रक्रिया को लेकर भी सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।

उन्होंने खड़गे के उस कथित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उनके करीबी लोगों के फरार होने की बात कही गई थी। कुमारस्वामी ने पूछा कि आखिर कौन फरार हुआ है और उसके खिलाफ क्या आरोप हैं। उन्होंने दावा किया कि स्टिंग ऑपरेशन की जांच का ध्यान जेडीएस की तरफ मोड़कर कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) से जुड़े कथित घोटाले से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।

कुमारस्वामी ने जांच का 80 प्रतिशत हिस्सा पूरा होने के दावे पर भी तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार KPSC मामले में अनियमितताओं को दबाने का प्रयास कर रही है। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब और जांच से जुड़े आधिकारिक निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

विक्की की मौत और जांच को लेकर भी उठाए सवाल

केंद्रीय मंत्री ने पावर टीवी के कर्मचारी विक्की की मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इस घटना की जांच किस तरह हुई और कथित तौर पर बिना पोस्टमार्टम के अप्राकृतिक मृत्यु रिपोर्ट (UDR) दर्ज क्यों की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का वादा किया गया था, लेकिन केवल 2 लाख रुपये दिए गए।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि जांच को अंतिम नतीजे तक पहुंचाने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जेडीएस को निशाना बनाया गया, तो पार्टी इसका कड़ा राजनीतिक विरोध करेगी।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इन आरोपों से डरने वाली नहीं है और वह अपनी लड़ाई जारी रखेगी। कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना और विधान परिषद सदस्य एसएल भोजेगौड़ा भी मौजूद थे।

फिलहाल, इस पूरे मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई, संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया और आधिकारिक निष्कर्ष आगे की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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