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आगरा शिक्षक MLC चुनाव: 3 बूथों पर फिर वोटिंग, आयोग का बड़ा फैसला

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आगरा शिक्षक MLC चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। मतदान के दौरान कथित गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद आयोग ने तीन पोलिंग बूथों पर पहले हुए मतदान को रद्द कर दोबारा वोटिंग कराने का आदेश दिया है। आगरा शिक्षक MLC चुनाव के इन बूथों पर सोमवार, 26 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। आयोग ने मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने के भी निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव के दौरान सामने आई शिकायतें फिर चर्चा में आ गई हैं।

आगरा के किन तीन बूथों पर होगा दोबारा मतदान?

चुनाव आयोग ने आगरा शिक्षक एमएलसी निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराने का निर्देश दिया है। ये बूथ खेरागढ़ तहसील, सैंया क्षेत्र पंचायत और फतेहाबाद क्षेत्र पंचायत में स्थित हैं।

दोबारा मतदान से जुड़ी जानकारी इस प्रकार है:

  • बूथ नंबर 20: खेरागढ़ तहसील
  • बूथ नंबर 21: सैंया क्षेत्र पंचायत
  • बूथ नंबर 26: फतेहाबाद क्षेत्र पंचायत
  • मतदान की तारीख: सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
  • समय: सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक

आयोग का यह आदेश उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय से सिफारिश मिलने के कुछ घंटों बाद जारी हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आगरा सीट के रिटर्निंग ऑफिसर की रिपोर्ट और सिफारिश के आधार पर दोबारा मतदान का प्रस्ताव भेजा गया था।

चुनाव आयोग ने क्यों लिया री-पोल का फैसला?

शुक्रवार को हुए मतदान के दौरान कुछ पोलिंग स्टेशनों पर गड़बड़ी और मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप सामने आए थे। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी के अन्य नेताओं ने मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।

इन शिकायतों के बीच चुनाव आयोग ने तीन बूथों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया। हालांकि, किसी आरोप को जांच के निष्कर्ष के बराबर नहीं माना जा सकता। संबंधित घटनाओं की वास्तविक स्थिति जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान हुआ था। आगरा निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान का आदेश उन शिकायतों के संदर्भ में आया है, जिनमें चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।

अधिकारियों को जांच और जिम्मेदारी तय करने का निर्देश

चुनाव आयोग ने आगरा के मंडलायुक्त को पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। जांच के दायरे में पुलिसकर्मियों, मतदान अधिकारियों और प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की समीक्षा भी शामिल है।

आयोग ने निर्देश दिया है कि जांच रिपोर्ट रविवार तक भेजी जाए। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि मतदान के दौरान कथित गड़बड़ियां कैसे हुईं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई, तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे पत्र में आयोग ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी या चूक के लिए जिम्मेदार पाए गए लोगों को दोबारा मतदान में शामिल नहीं किया जाए। इस निर्देश का क्रियान्वयन संबंधित नियमों और जांच के निष्कर्षों के अनुरूप होना होगा।

समाजवादी पार्टी ने कई जिलों में शिकायतें उठाईं

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने शनिवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने आगरा के अलावा अमरोहा, फतेहपुर, प्रतापगढ़, गोरखपुर और अन्य जिलों में एमएलसी चुनाव के दौरान कथित बूथ कैप्चरिंग और अनियमितताओं की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की।

पाल ने शिकायतों और उम्मीदवारों तथा राजनीतिक दलों की ओर से उपलब्ध कराए गए वीडियो के आधार पर जांच कराने और कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की।

उन्होंने कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर राज्य के 72 जिलों में 11 एमएलसी सीटों के लिए दोबारा मतदान कराने की मांग रखी। यह समाजवादी पार्टी की मांग है; राज्य के सभी संबंधित बूथों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश आयोग ने इस जानकारी में नहीं दिया है।

ज्ञापन में पाल ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के कुछ मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने मतदान को प्रभावित किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी की शिकायतों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

अखिलेश यादव ने भाजपा और प्रशासन पर लगाए आरोप

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को मतदान के दौरान कथित फर्जी वोटिंग और गड़बड़ी को लेकर भाजपा पर आरोप लगाए। उनका दावा था कि सपा समर्थकों को वोट डालने से रोकने के लिए दबाव बनाया गया और प्रशासनिक अधिकारी उचित कार्रवाई नहीं कर रहे थे।

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग को मिली शिकायतों पर समय रहते पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आने वाले विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए भी चुनावी प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई।

ये सभी राजनीतिक आरोप हैं। इनकी पुष्टि के लिए जांच रिपोर्ट, संबंधित अधिकारियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को देखना जरूरी होगा। निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए शिकायतों की जांच और कार्रवाई पारदर्शी तरीके से होना महत्वपूर्ण है।

अब जांच रिपोर्ट और दोबारा मतदान पर नजर

आगरा के तीन बूथों पर दोबारा मतदान का आदेश चुनाव आयोग की ओर से उठाया गया एक अहम कदम है। अब यह देखना होगा कि सोमवार को मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होता है या नहीं और जांच में कथित गड़बड़ियों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।

मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने में मदद मिल सकती है कि मतदान के दौरान क्या हुआ और किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है या नहीं। फिलहाल, अन्य जिलों में दोबारा मतदान की मांग समाजवादी पार्टी ने उठाई है, जबकि आगरा के तीन बूथों के लिए आयोग का आदेश जारी हुआ है।

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