BRICS Parliamentary Forum 2026: दिल्ली पहुंचे 21 देशों के प्रतिनिधि, आज PM मोदी से होगी मुलाकात
नई दिल्ली में 12वें BRICS Parliamentary Forum का आयोजन सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहा है। दो दिवसीय इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में BRICS के 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन का आयोजन भारतीय संसद की ओर से संसद भवन परिसर में किया जा रहा है। इस दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने, जन-केंद्रित विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे उद्घाटन समारोह से निर्धारित है। लोकसभा अध्यक्ष और फोरम के अध्यक्ष ओम बिरला उद्घाटन संबोधन देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सोमवार को विभिन्न सदस्य और साझेदार देशों के संसद अध्यक्षों तथा प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक को विभिन्न देशों के बीच संसदीय संवाद और सहयोग बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
जन-केंद्रित विकास और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर होगा मंथन
इस बार सम्मेलन की थीम “Fostering Parliaments for People-Centric Development” रखी गई है। इसका उद्देश्य संसदों के माध्यम से आम नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता देना, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना और विधायी संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाना है।
दो दिनों के दौरान चार प्रमुख विषयों पर उच्चस्तरीय सत्र आयोजित होंगे। इनमें लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास जैसे मुद्दे शामिल हैं। प्रतिनिधि इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई डिजिटल तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच संसदों की निगरानी तथा जवाबदेही की भूमिका कैसे प्रभावी बनाई जा सकती है।
इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास लक्ष्यों और बदलती वैश्विक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श होगा। अंतरराष्ट्रीय मामलों से संबंधित संसदीय समितियों के अध्यक्षों की विशेष बैठक में संसदीय कूटनीति, क्षमता निर्माण और विधायी कार्यों के बेहतर तरीकों के आदान-प्रदान पर चर्चा की जाएगी।
भारत-रूस संबंधों और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर चर्चा
मुख्य सम्मेलन से पहले 25 अक्टूबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रूस की संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। लोकसभा सचिवालय के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग मजबूत करने और आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
ओम बिरला ने भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान सहयोग का आधार हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत भी उठाई और भारत की स्थायी सदस्यता के लिए रूस के समर्थन की सराहना की।
बैठक में परमाणु ऊर्जा, उद्योग, व्यापार, कृषि और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। वोलोडिन ने दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को प्रोत्साहित करने तथा संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित संवाद को बढ़ावा देने की बात कही। बिरला ने युवा और महिला सांसदों के बीच आदान-प्रदान को भी महत्वपूर्ण बताया।
27 अक्टूबर को संयुक्त बयान के साथ समाप्त होगा सम्मेलन
BRICS Parliamentary Forum के दौरान सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधियों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें भी होंगी। इसके साथ 64 देशों के साथ गठित संसदीय मैत्री समूहों के माध्यम से वैश्विक संसदीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
भारत के लिए यह सम्मेलन ग्लोबल साउथ से जुड़े साझा मुद्दों को उठाने और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर संवाद का अवसर है। भारत की 2026 की BRICS अध्यक्षता के संदर्भ में भी इस आयोजन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्मेलन का समापन 27 अक्टूबर को होगा। अंतिम दिन संयुक्त वक्तव्य को औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाएगा। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समापन संबोधन देंगे और BRICS संसदीय मंच की अध्यक्षता चीन को सौंपी जाएगी।

