दिल्ली रैली को लेकर कांग्रेस पर BJP का हमला, सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप
हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को पालमपुर में आयोजित भाजपा की संगठनात्मक बैठक के दौरान पार्टी की प्रदेश सह-प्रभारी और राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने कांग्रेस की प्रस्तावित दिल्ली रैली को लेकर सवाल उठाए। यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर आयोजित की जानी है।
दर्शना सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी नतीजों से निराश होकर मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी दिल्ली रैली के लिए सरकारी संसाधनों और प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप भाजपा नेता ने लगाए हैं और खबर में इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
पालमपुर में हुई बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाना और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की तैयारी करना था। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपने और अलग-अलग इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी चर्चा हुई।
SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस पर निशाना
दर्शना सिंह ने शिमला में कांग्रेस नेताओं की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को राजनीतिक मुद्दा बना रही है। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग की संवैधानिक भूमिका का सम्मान करना चाहिए और ऐसे आरोप लगाने से बचना चाहिए, जिनसे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनता का भरोसा प्रभावित हो।
भाजपा सांसद ने कहा कि हर पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए और किसी भी योग्य मतदाता का मतदान का अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची की पारदर्शिता, सटीकता और निष्पक्षता को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए दर्शना सिंह ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एमएस गिल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास पर भी विचार करना चाहिए। यह टिप्पणी भाजपा नेता के राजनीतिक बयान का हिस्सा थी।
30 अक्टूबर को धर्मशाला में BJP की पदयात्रा
बैठक के दौरान दर्शना सिंह ने बताया कि भाजपा 30 अक्टूबर 2026 को धर्मशाला में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम से पदयात्रा आयोजित करेगी। उनके मुताबिक, पालमपुर संगठनात्मक जिले से लगभग 3,000 भाजपा कार्यकर्ता और नागरिक इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि पदयात्रा के जरिए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, कानून-व्यवस्था और हिमाचल प्रदेश से जुड़े जनहित के मुद्दों को उठाया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मंडल और बूथ स्तर पर तैयारियों, कार्यकर्ताओं की भागीदारी तथा जिम्मेदारियों के बंटवारे पर विस्तार से चर्चा की गई।
दर्शना सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों से तय समयसीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने और संगठन के विभिन्न स्तरों पर समन्वय बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी राजनीतिक संगठन की मजबूती का आधार होते हैं और जनता से लगातार संपर्क बनाए रखना जरूरी है।
बैठक में कई वरिष्ठ BJP नेता रहे मौजूद
पालमपुर में आयोजित संगठनात्मक बैठक में सुलह के विधायक और हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर, जिला प्रभारी विनोद ठाकुर, जिला सह-प्रभारी पंकज जम्वाल और बैजनाथ के पूर्व विधायक मूल राज प्रेमी शामिल हुए।
इसके अलावा कांगड़ा जिला सह-प्रभारी संजीव शर्मा समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में संगठन विस्तार और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई।
कांग्रेस की दिल्ली रैली और भाजपा की धर्मशाला पदयात्रा के बीच हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। दोनों दल अपने-अपने मुद्दों के जरिए जनता तक पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।

