Theni Jailbreak: तमिलनाडु में जेल से कैदियों के फरार होने पर BJP का हमला, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
तमिलनाडु के थेनी जिले की उप-जेल से विचाराधीन कैदियों के फरार होने की घटना ने राज्य की जेल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तमिलनाडु प्रमुख प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने इस घटना को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार की बड़ी विफलता करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था में खामियों के कारण कैदियों को भागने का मौका मिला।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 26 और 27 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एक ही सेल में बंद कैदियों ने कथित तौर पर बीमारी का बहाना बनाया। जेल कर्मचारियों के दरवाजा खोलते ही कैदियों ने उन पर हमला किया और वहां से फरार हो गए। इस दौरान जेल के तीन कर्मचारी घायल हुए।
बीमारी का बहाना बनाकर जेल से भागने का आरोप
BJP प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर राज्य सरकार और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि एक ही सेल में कई विचाराधीन कैदियों को रखने और कथित मेडिकल इमरजेंसी की पर्याप्त जांच किए बिना दरवाजा खोलने जैसी चूकों ने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी उजागर कर दी।
तिरुपति ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में कैदियों का जेल से निकल जाना सामान्य घटना नहीं है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री और जेल विभाग से जुड़े मंत्री से भी घटना पर स्पष्टीकरण देने की मांग की। हालांकि, ये आरोप BJP नेता की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं; मामले में सुरक्षा चूक की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
घटना के दौरान ग्रेड-II पुलिसकर्मी थंगापांडी के सिर में चोट लगी। उन्हें जी विलक्कु स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो अन्य कर्मचारियों को भी मामूली चोटें आने की जानकारी सामने आई है।
फरार कैदियों की तलाश में 17 विशेष टीमें तैनात
घटना के बाद पुलिस ने फरार कैदियों को पकड़ने के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। दक्षिण क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विजयेंद्र बिदरी ने मंगलवार को बताया कि फरार हुए 16 कैदियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष आरोपियों की तलाश के लिए 17 विशेष टीमें बनाई गई हैं।
थेनी जिला पुलिस ने फरार कैदियों की पहचान और तस्वीरें संबंधित पुलिस इकाइयों के साथ साझा की हैं। मदुरै और डिंडीगुल के अलावा पड़ोसी केरल के इडुक्की क्षेत्र में भी पुलिस को सतर्क किया गया है। डिंडीगुल के पुलिस अधीक्षक एस. जयकुमार के अनुसार, जिले में 16 स्थानों पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं और प्रमुख रास्तों से गुजरने वाले वाहनों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें फरार कैदियों के संबंध में कोई विश्वसनीय जानकारी मिलती है, तो वे अधिकारियों को सूचित करें। इसके लिए थेनी जिला विशेष शाखा के नंबर 9498101570 और जिला पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 9176104100 जारी किए गए हैं। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट सूचनाएं फैलाने से बचने की भी अपेक्षा की है।
सुरक्षा चूक की जांच, अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल
BJP नेता ने घायल जेलकर्मियों को उचित सहायता देने और फरार कैदियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उनके मुताबिक, केवल तलाशी अभियान की घोषणा करना पर्याप्त नहीं है; जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी जरूरी है।
पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और सुरक्षा में हुई संभावित चूक की जांच की जा रही है। जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि कैदियों को एक ही सेल में रखने की परिस्थितियां क्या थीं, जेलकर्मियों पर हमला कैसे हुआ और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता शेष फरार कैदियों को पकड़ना और उनकी आवाजाही का पता लगाना है। वहीं, इस घटना ने जेलों में सुरक्षा प्रबंधन, कर्मचारियों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।

