अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की भव्य तैयारी, योगी बोले- लौट रहा रामनगरी का प्राचीन वैभव
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के लिए तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को कहा कि वर्ष 2017 के बाद अयोध्या में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई शुरुआत हुई है। उनके मुताबिक, रामनगरी अपना प्राचीन गौरव फिर से हासिल कर रही है। इस बार दीपोत्सव का 10वां आयोजन धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट साझा करते हुए दीपोत्सव की भव्यता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरयू नदी के तट पर लाखों दीयों की रोशनी, रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियां, शोभायात्राएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम उत्सव को खास बनाएंगे। इस आयोजन के जरिए भगवान श्रीराम की परंपरा और भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करने की तैयारी है।
लाखों दीपों से जगमगाएगी रामनगरी, रामायण की झांकियां होंगी आकर्षण
योगी आदित्यनाथ के अनुसार, दीपोत्सव में सरयू के घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रामायण से जुड़े प्रसंगों को झांकियों के माध्यम से जीवंत रूप में दिखाने की योजना है। शोभायात्राएं और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजन का हिस्सा होंगी।
मुख्यमंत्री ने दीपों को भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा और सनातन संस्कृति के गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन पीढ़ियों की आस्था से भी जुड़ा है, जिन्होंने अयोध्या को उसके प्राचीन वैभव में देखने की कामना की है।
योगी ने यह भी याद दिलाया कि दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीप जलाने के साथ हुई थी। इसके बाद यह आयोजन देश और विदेश में रहने वाले रामभक्तों के बीच लोकप्रियता का प्रतीक बन गया। इस वर्ष भी दीप प्रज्ज्वलन के जरिए नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी का जिक्र मुख्यमंत्री ने किया, हालांकि आयोजन के अंतिम आंकड़े कार्यक्रम के दौरान ही स्पष्ट होंगे।
राम मंदिर से एयरपोर्ट तक, अयोध्या के विकास पर CM का जोर
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए भव्य श्रीराम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रामपथ, विकसित घाटों और आधुनिक सुविधाओं को शहर के बदलते स्वरूप से जोड़ा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के प्रयासों से अयोध्या में धार्मिक विरासत तथा आधुनिक विकास का मेल दिखाई दे रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की पहल का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, बुनियादी सुविधाओं और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं ने शहर की पहचान को नया आयाम दिया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के साथ अयोध्या में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना भी है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर अयोध्या की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने रामभक्तों से जुड़े पुराने घटनाक्रमों और हनुमानगढ़ी मंदिर का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना की। ये टिप्पणियां मुख्यमंत्री की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं।
दीपोत्सव को सांस्कृतिक गौरव और विकसित भारत से जोड़ा
योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को आस्था, सांस्कृतिक पहचान और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि हर दीप भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उनके संदेश में अयोध्या के धार्मिक महत्व के साथ शहर के विकास को भी प्रमुखता दी गई।
10वें दीपोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह के बीच आयोजन की तैयारियां और कार्यक्रमों का स्वरूप महत्वपूर्ण रहेगा। लाखों दीपों की रोशनी, धार्मिक झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस उत्सव के प्रमुख आकर्षण होंगे। अयोध्या के लिए यह आयोजन धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक सुविधाओं को एक साथ प्रस्तुत करने का अवसर भी है।

