कर्नाटक MLC चुनाव में BJP की बड़ी जीत, एसवी संकनूर ने कांग्रेस को 9,323 वोटों से हराया
कर्नाटक: कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। भाजपा उम्मीदवार एसवी संकनूर ने वेस्ट ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी मोहन लिंबिकाई को 9,323 वोटों के अंतर से हरा दिया। मतगणना पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारियों ने संकनूर की जीत की पुष्टि की। इस परिणाम के साथ भाजपा ने इस महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र पर अपनी पकड़ बरकरार रखी है।
यह मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर के रूप में देखा जा रहा था। वरीयता क्रम के मतों की गिनती के कई चरणों के बाद संकनूर ने निर्णायक बढ़त हासिल की। उनकी जीत को राज्य में स्नातक मतदाताओं के बीच भाजपा के संगठनात्मक प्रभाव के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
वेस्ट ग्रेजुएट्स सीट पर संकनूर ने बरकरार रखा कब्जा
कर्नाटक विधान परिषद की वेस्ट ग्रेजुएट्स सीट में धारवाड़, हावेरी, गडग और उत्तर कन्नड़ जिले शामिल हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र में स्नातक मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। चुनाव में भाजपा ने एसवी संकनूर को उम्मीदवार बनाया था, जबकि कांग्रेस की ओर से मोहन लिंबिकाई मैदान में थे।
मतगणना के दौरान संकनूर ने लगातार बढ़त बनाए रखी और अंततः 9,323 मतों के अंतर से जीत हासिल की। इस परिणाम से भाजपा को राहत मिली है, क्योंकि पार्टी ने इस सीट पर अपना प्रतिनिधित्व बनाए रखा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में दोनों उम्मीदवारों को मिले कुल मतों का विस्तृत आंकड़ा नहीं दिया गया है।
विधान परिषद चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इन सीटों पर मतदाताओं की पसंद राजनीतिक दलों को शिक्षित वर्गों और पेशेवर समुदायों के बीच अपने समर्थन का आकलन करने का अवसर देती है।
बेंगलुरु शिक्षक सीट पर भी BJP-JDS गठबंधन की जीत
वेस्ट ग्रेजुएट्स सीट का परिणाम ऐसे समय आया है, जब इससे पहले बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने जीत दर्ज की थी। 27 अक्टूबर को घोषित नतीजे में गठबंधन के उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व विधान परिषद सदस्य पुट्टन्ना को 908 मतों से हराया था।
बेंगलुरु शिक्षक सीट पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इस चुनाव में 27,405 पंजीकृत मतदाताओं में से 22,468 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान प्रतिशत 81.98 रहा। एपी रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 मत प्राप्त हुए।
गौरतलब है कि 2024 के उपचुनाव में पुट्टन्ना ने जेडीएस के उम्मीदवार एपी रंगनाथ को इसी सीट पर हराया था। इस बार भाजपा और जेडीएस ने मिलकर चुनाव लड़ा और परिणाम उनके पक्ष में रहा। इन नतीजों से गठबंधन के भीतर बेहतर तालमेल और दोनों दलों के मतदाताओं के समर्थन को लेकर चर्चा तेज हुई है।
2028 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की परीक्षा
कर्नाटक विधान परिषद की इन सीटों के नतीजों को 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की संगठनात्मक ताकत परखने के रूप में भी देखा जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस के लिए ये परिणाम स्नातक तथा शिक्षक समुदायों के बीच अपने जनाधार को समझने का अवसर हैं। वहीं, भाजपा-जेडीएस गठबंधन के लिए लगातार मिल रही सफलता सहयोगी दलों के बीच चुनावी समन्वय के महत्व को सामने लाती है।
75 सदस्यीय कर्नाटक विधान परिषद में कांग्रेस, भाजपा और जेडीएस की मौजूदगी राज्य की राजनीतिक तस्वीर को प्रभावित करती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परिषद में कांग्रेस के 38 और भाजपा के 24 सदस्य थे, जबकि जेडीएस के छह सदस्य थे। इसके अलावा एक निर्दलीय सदस्य और सभापति सलीम अहमद का उल्लेख किया गया है। सरकार की ओर से मनोनयन के लिए निर्धारित पांच सीटें रिक्त थीं।
इन चुनावों की घोषणा भारत निर्वाचन आयोग ने 23 सितंबर को की थी। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 11 नवंबर को निर्धारित रूप से पूरा होना था। अब वेस्ट ग्रेजुएट्स और बेंगलुरु शिक्षक सीट के नतीजों के बाद राज्य में भाजपा और उसके सहयोगियों का उत्साह बढ़ा है, जबकि कांग्रेस के सामने अपने चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा करने की चुनौती है।

