CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, 1 नवंबर की रैली को CJP का समर्थन
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कॉकroach जनता पार्टी (CJP) ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को INDIA ब्लॉक की आगामी रैली को समर्थन देने का ऐलान किया। यह रैली 1 नवंबर को आयोजित होने वाली है, जिसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सवाल उठाए जाने की तैयारी है।
CJP ने अपने बयान में आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया ने चुनाव व्यवस्था की निष्पक्षता को लेकर चिंता पैदा की है। पार्टी का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की निगरानी के लिए जरूरी भरोसा खो दिया है। इसी आधार पर उसने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया है। हालांकि, ये राजनीतिक दल के आरोप हैं और इन्हें किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
SIR प्रक्रिया पर CJP ने क्यों उठाए सवाल?
CJP ने कहा कि लोकतंत्र का बुनियादी सिद्धांत यह है कि जनता अपनी सरकार चुनती है, न कि सरकार मतदाताओं का चयन करती है। पार्टी के अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे पात्र नागरिकों का मतदान का अधिकार सुरक्षित रहे।
पार्टी ने आशंका जताई कि SIR के दौरान यदि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हट जाते हैं, तो वे चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने से वंचित हो सकते हैं। CJP ने चुनाव आयोग से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि किसी भी योग्य नागरिक को तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
हालांकि, मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी रिकॉर्ड को अपडेट करने की प्रक्रिया है। किसी विशेष राज्य या क्षेत्र में कितने पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं, इसका आकलन संबंधित आधिकारिक आंकड़ों और चुनाव आयोग की जानकारी के आधार पर किया जाना चाहिए।
संविधान और समान मतदान अधिकार का दिया हवाला
CJP ने अपने बयान में संविधान निर्माण और डॉ. भीमराव आंबेडकर की भूमिका का उल्लेख किया। पार्टी ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने वयस्क नागरिकों को समान मताधिकार देकर लोकतंत्र में व्यापक भागीदारी का रास्ता तैयार किया था। इस व्यवस्था में जाति, धर्म, लिंग, शिक्षा या आर्थिक स्थिति के आधार पर मतदान के अधिकार में भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
पार्टी के मुताबिक, चुनाव आयोग की जिम्मेदारी प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा करना है। उसने कहा कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया का उद्देश्य लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करना होना चाहिए, न कि योग्य मतदाताओं के मन में बाहर किए जाने की आशंका पैदा करना।
CJP ने यह भी कहा कि वह देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए काम कर रहे संगठनों का समर्थन करेगी। अपने बयान के अंत में पार्टी ने “जय भीम, जय हिंद” का नारा दिया।
GYANU MUST GO!
The Cockroach Janta Party extends its support to the INDIA Bloc’s November 1 rally.
Nation above all!
#JaiBhim #JaiHind https://t.co/jbSsRQeHEw
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 28, 2026
30 अक्टूबर और 1 नवंबर को INDIA ब्लॉक के कार्यक्रम
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 30 अक्टूबर को एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है, जिसे पार्टी ने महाभियोग जैसी कार्यवाही के रूप में प्रस्तुत किया है। इसके बाद 1 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ मार्च और दिल्ली के रामलीला मैदान में जनसभा प्रस्तावित है।
इन कार्यक्रमों के जरिए विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका से जुड़े सवाल उठाने की तैयारी कर रहा है। CJP का समर्थन इस मुद्दे पर विपक्षी एकजुटता को बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।
फिलहाल, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग विपक्षी दलों की राजनीतिक मांग है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रैली में कौन-कौन से संगठन शामिल होते हैं और SIR को लेकर चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

