‘वोट चोरी’ पर फिर भिड़ी कांग्रेस-BJP, जयराम रमेश ने PM मोदी और अमित शाह पर साधा निशाना
कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनावी सूची में कथित अनियमितताओं से जुड़े सवालों से ध्यान हटाने के लिए झूठ फैलाया जा रहा है। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि ‘वोट चोरी’ का मुद्दा वास्तविक है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए मतदाता सूची में बदलाव और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े सवाल उठाए। हालांकि, उनके आरोपों और दावों पर चुनाव आयोग का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
जयराम रमेश ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
जयराम रमेश ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 10 करोड़ से अधिक भारतीयों के संवैधानिक मतदान अधिकार पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बदलाव किए गए और फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर कुछ मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई।
कांग्रेस सांसद ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि ECINET के जरिए मतदाता सूची पर नियंत्रण केंद्रीकृत किया गया, जिससे कानूनी सुरक्षा उपाय प्रभावित हुए। जयराम रमेश ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में नाराजगी है और विरोध प्रदर्शन जारी हैं। ये सभी आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
अमित शाह का पलटवार, कांग्रेस की राजनीति पर साधा निशाना
दूसरी ओर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष पर पलटवार किया। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद ही चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है। शाह के मुताबिक, जब पार्टी चुनाव जीतती है तो उसे चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में कोई समस्या नजर नहीं आती, लेकिन हारने पर वही संस्था उसके निशाने पर आ जाती है।
अमित शाह ने राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाकर कथित घुसपैठियों के वोट बचाने की कोशिश कर रहे हैं। शाह ने कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नकारात्मक राजनीति के कारण पार्टी वर्ष 2030 तक भी चुनाव जीतने में सफल नहीं होगी। उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को लेकर भी पंजाब में पार्टी के भविष्य पर सवाल उठाए।
मतदाता सूची के SIR को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
यह विवाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision यानी SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दलों के विरोध के बीच सामने आया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने चुनावी सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था।
कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रही है, जबकि भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बता रही है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती बयानबाजी ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर बहस तेज कर दी है।
फिलहाल, इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, फॉर्म-6 और फॉर्म-7 के इस्तेमाल तथा SIR प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित तथ्यों और चुनाव आयोग के आधिकारिक पक्ष का सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

