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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा अपडेट, 4 आरोपियों की पुलिस हिरासत 26 अक्टूबर तक बढ़ी

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बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में मुंबई की अदालत ने चार आरोपियों की पुलिस हिरासत 26 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। गुरुवार, 22 अक्टूबर को चारों आरोपियों को मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट, जिसे किला कोर्ट भी कहा जाता है, में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से आरोपियों की हिरासत 31 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने यह मांग स्वीकार नहीं की। मामले में अनिल पंडित को फरार आरोपी बताया गया है।

मुंबई पुलिस का दावा है कि अभिनेता से जुड़े फायरिंग मामले को अंजाम देने के पीछे अनिल पंडित की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े लोगों और कथित हथियारों की आपूर्ति के संबंध में जानकारी जुटाना चाहती है।

पुलिस ने 31 अक्टूबर तक मांगी थी हिरासत

पुलिस ने अदालत में दलील दी कि मामले में जब्त किए गए मोबाइल फोन से मिली जानकारी की जांच करनी है। जांच एजेंसियां इन फोन के डेटा के जरिए आरोपियों के संपर्कों और घटना से जुड़े अन्य सुरागों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, बचाव पक्ष ने पुलिस हिरासत की आवश्यकता पर सवाल उठाए।

आरोपियों के वकील अजिंक्य मिरगल मधुकर के अनुसार, रिमांड आवेदन में कथित हथियारों की आपूर्ति को लेकर पर्याप्त विशिष्ट जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में केवल पिस्तौल का उल्लेख था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि हथियार देसी था या विदेशी और उसका प्रकार क्या था।

बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि मोबाइल फोन पुलिस पहले ही जब्त कर चुकी है। ऐसे में फोन का फॉरेंसिक विश्लेषण करने के लिए आरोपियों को लगातार पुलिस हिरासत में रखना जरूरी नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों की हिरासत 26 अक्टूबर तक बढ़ाने का आदेश दिया।

फायरिंग मामले में अन्य संदिग्धों की भी जांच

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर हरियाणा से सात अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। इस तरह मामले में कुल 10 लोगों पर पुलिस को संदेह है। हालांकि, सभी संदिग्धों की भूमिका और उनके खिलाफ आरोपों की स्थिति जांच के आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होगी।

अदालत में पेश किए गए चार आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया था। उन्हें मेडिकल जांच के बाद कोर्ट के सामने पेश किया गया। पुलिस अब मामले में कथित हथियारों की आपूर्ति, आरोपियों के बीच संपर्क और घटना की योजना से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

गौरतलब है कि 18 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग की घटना हुई थी। उस समय टाइगर श्रॉफ एक फुटबॉल क्लब से निकल रहे थे। घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर को चोटें आई थीं। इस घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी।

टाइगर श्रॉफ की टीम ने फर्जी खबरों पर दी चेतावनी

इस मामले के बीच टाइगर श्रॉफ की टीम ने सोशल मीडिया पर फैल रही कथित फर्जी खबरों, बिना अनुमति जारी किए गए बयानों और अभिनेता के नाम से प्रसारित AI-जनरेटेड वीडियो को लेकर चेतावनी दी है। टीम ने मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से किसी भी जानकारी को प्रकाशित या साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करने की अपील की।

टीम के आधिकारिक बयान के अनुसार, टाइगर श्रॉफ ने फायरिंग की घटना या उससे जुड़ी जांच के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है। टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिनेता की ओर से कोई वीडियो या अन्य संदेश अधिकृत नहीं किया गया है। ऐसे में उनके नाम से प्रसारित सामग्री को वास्तविक मानने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।

टीम ने चेतावनी दी है कि फर्जी सामग्री बनाने, प्रचारित करने या प्रसारित करने वाले व्यक्तियों और सोशल मीडिया पेजों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और मामले में अगली महत्वपूर्ण जानकारी 26 अक्टूबर तक निर्धारित हिरासत अवधि के दौरान सामने आ सकती है।

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