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‘वोट चोरी’ के आरोप पर 1 नवंबर को दिल्ली में जुटेगा विपक्ष, ममता बनर्जी ने की एकजुट होने की अपील

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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने ‘वोट चोरी’ के कथित आरोपों को लेकर विपक्षी एकजुटता का आह्वान किया है। उन्होंने 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. के नेताओं और आम लोगों से शामिल होने की अपील की। ममता बनर्जी के मुताबिक, यह अभियान लोगों के मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा से जुड़ा है।

गुरुवार, 29 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने रैली में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी का आग्रह किया। उनके अनुसार, रविवार को दोपहर 12:30 बजे प्रस्तावित इस कार्यक्रम में विपक्षी दल एकजुट होकर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने पश्चिम बंगाल सहित दूसरे राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने की मांग की।

ममता बनर्जी ने अपने संदेश में कहा कि मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए सभी को एक साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने लोकतंत्र और संविधान की सुरक्षा को इस राजनीतिक अभियान का प्रमुख उद्देश्य बताया।

EVM से लेकर मतदाता सूची तक उठाए सवाल

ममता बनर्जी ने चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को लेकर चिंता जताई। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), मतदाताओं के आंकड़ों, मतदाता सूची और मतगणना की प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का उल्लेख किया। उनका आरोप है कि पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में मतदान से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मिलने चाहिए।

विपक्षी दलों की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया को लेकर पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। प्रस्तावित रैली के जरिए इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी है। हालांकि, वोट चोरी के आरोपों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित तथ्यों और आधिकारिक साक्ष्यों की जांच जरूरी है।

ममता बनर्जी ने छात्रों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और नागरिक समाज से भी रैली में शामिल होने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सामूहिक भागीदारी महत्वपूर्ण है। उनके इस आह्वान का उद्देश्य विभिन्न वर्गों के लोगों को विपक्ष के अभियान से जोड़ना है।

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने रेलवे पर लगाए आरोप

इस बीच, कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने भी दिल्ली में होने वाली रैली को लेकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाए हैं। बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना से कांग्रेस सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने के लिए मांगी गई ट्रेन सेवाओं के संबंध में रेलवे ने समय पर जवाब नहीं दिया।

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी नेतृत्व रैली के लिए हो रही तैयारियों और लोगों की भागीदारी को लेकर चिंतित है।

हालांकि, रेलवे की ओर से कथित देरी या ट्रेन सेवाओं से जुड़े इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध खबर में नहीं दी गई है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

1 नवंबर की रैली पर टिकी राजनीतिक दलों की नजर

दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ महा रैली’ को विपक्षी गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम माना जा रहा है। इसका केंद्र चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची में संशोधन, लोकतांत्रिक संस्थाओं और केंद्र सरकार की नीतियों से जुड़े मुद्दे होंगे।

रैली के जरिए विपक्षी दल अपनी मांगों को एक मंच से उठाने और जनता तक अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश करेंगे। ममता बनर्जी की अपील और कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के आरोपों से इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है।

अब सबकी नजर 1 नवंबर को होने वाले आयोजन पर है। रैली में विपक्षी दलों की भागीदारी, उठाए जाने वाले मुद्दे और उनके आगे के राजनीतिक कदम महत्वपूर्ण होंगे। साथ ही, चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रिया भी चर्चा का विषय रह सकती है।

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