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पीएम मोदी करेंगे ₹9.49 करोड़ के रेन फॉरेस्ट का उद्घाटन, 220 मीटर का ग्लास स्काईवॉक बनेगा खास आकर्षण

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गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित एकता नगर में पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां ₹9.49 करोड़ की लागत से विकसित किए गए अनोखे ‘रेन फॉरेस्ट’ प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने वाले हैं। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गुजरात मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह नया पर्यटन स्थल गोरा ब्रिज के पास वागड़िया चेकपोस्ट के नजदीक विकसित किया गया है। करीब 47,000 वर्ग मीटर में फैला यह परिसर प्रकृति, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत 220 मीटर लंबा ग्लास-डेक स्काईवॉक ब्रिज है। इसके जरिए पर्यटक ऊंचाई से जंगल की हरियाली, पेड़ों की छतरी और आसपास के प्राकृतिक नजारों का मनोरम दृश्य देख सकेंगे। यह आकर्षण प्रकृति प्रेमियों और रोमांच पसंद करने वाले लोगों के लिए खास अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया है।

220 मीटर का ग्लास स्काईवॉक और कृत्रिम झरना होगा खास आकर्षण

रेन फॉरेस्ट परिसर में पर्यटकों के लिए कई आकर्षक सुविधाएं विकसित की गई हैं। इनमें कांच की सतह वाला लंबा स्काईवॉक, 5 से 8 मीटर ऊंचा कृत्रिम झरना, गोलाकार तालाब और अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाले पुल शामिल हैं। इन सुविधाओं को इस तरह तैयार किया गया है कि यहां आने वाले लोग प्राकृतिक वातावरण के बीच समय बिता सकें।

परिसर का प्रवेश द्वार भी खास डिजाइन में बनाया गया है। इसकी ऊंचाई करीब 20 फीट और चौड़ाई 40 फीट है। इसके निर्माण में प्राकृतिक पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, पैदल चलने वाले रास्तों को स्थानीय नर्मदा पत्थर और पारंपरिक ईंट-चूना निर्माण शैली से तैयार किया गया है।

रेन फॉरेस्ट की लैंडस्केपिंग में उष्णकटिबंधीय वर्षावनों की तरह पेड़ों की कई परतों वाली संरचना को दर्शाने का प्रयास किया गया है। इससे पर्यटकों को जंगल के प्राकृतिक स्वरूप और वनस्पतियों की विविधता को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

पश्चिमी घाट से हिमालय तक की वनस्पतियों की दिखेगी विविधता

इस पर्यटन स्थल का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। यहां भारत के अलग-अलग पारिस्थितिक क्षेत्रों से संबंधित देशज पौधों और वृक्षों की प्रजातियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें पश्चिमी घाट, हिमालय और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह जैसे क्षेत्रों की वनस्पतियां शामिल हैं।

परियोजना में एक विशेष सूचना केंद्र भी बनाया गया है। यहां पर्यटकों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को वर्षावन की पारिस्थितिकी, जैव विविधता और वन संरक्षण के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके लिए इंटरैक्टिव मानचित्र, क्यूआर कोड से जुड़ी जानकारी और दृश्य सामग्री का उपयोग किया जाएगा।

इस व्यवस्था से विद्यार्थियों को किताबों में पढ़ी गई पर्यावरण संबंधी जानकारियों को वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से समझने में मदद मिल सकती है। साथ ही, पर्यावरण और जैव विविधता पर अध्ययन करने वाले शोधकर्ताओं के लिए भी यह केंद्र उपयोगी साबित हो सकता है।

बच्चों के लिए भी होंगी मनोरंजक गतिविधियां

रेन फॉरेस्ट परिसर में बच्चों के लिए अलग गतिविधि क्षेत्र तैयार किया गया है। इसमें रॉक क्लाइंबिंग वॉल, स्लाइड, झूले और सीढ़ियों से जुड़े ऊंचे ट्री बालकनी जैसे आकर्षण शामिल हैं। इन सुविधाओं के जरिए बच्चों को मनोरंजन के साथ प्रकृति के बीच समय बिताने का अवसर मिलेगा।

अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से एकता नगर की पर्यटन पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने में मदद मिल सकती है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने आने वाले पर्यटकों के लिए यह एक अतिरिक्त आकर्षण बन सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, छोटे कारोबार और पर्यटन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, एकता नगर का यह रेन फॉरेस्ट प्रकृति, शिक्षा और मनोरंजन को एक ही परिसर में जोड़ने की पहल है। हालांकि, पर्यटकों के लिए इसके खुलने का समय, टिकट की कीमत और बुकिंग से जुड़ी जानकारी अलग से आधिकारिक तौर पर सामने आने पर ही स्पष्ट होगी।

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