रायहान वाड्रा की प्रदर्शनी पर सियासी घमासान, राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस से पूछे सवाल
केरलम की राजनीति में रायहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के उस प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं, जिसमें कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रायहान वाड्रा की प्रदर्शनी को राज्य में आयोजित करने की पेशकश की गई है।
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि उन्हें रायहान की प्रदर्शनी के केरलम में आयोजन पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने राज्य के दूसरे युवाओं के साथ होने वाले कथित व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि जहां एक युवा कलाकार की प्रदर्शनी को समर्थन दिया जा रहा है, वहीं रोजगार और अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
रायहान वाड्रा की प्रदर्शनी पर क्यों हुआ विवाद?
यह विवाद रायहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ से जुड़ा है। दिल्ली के बीकानेर हाउस में इस प्रदर्शनी के आयोजन से पहले कुछ तस्वीरों को हटाने के अनुरोध को लेकर विवाद सामने आया था। रायहान का आरोप था कि प्रबंधन ने छात्र आंदोलनों और अन्य प्रदर्शनों से संबंधित कई तस्वीरें हटाने को कहा था। उनके अनुसार, इनमें भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की दो तस्वीरें भी शामिल थीं।
दूसरी ओर, बीकानेर हाउस प्रबंधन समिति का कहना था कि कुछ तस्वीरें परिसर की निर्धारित नीतियों के अनुरूप नहीं थीं, इसलिए उन्हें हटाने का अनुरोध किया गया था। इस घटनाक्रम के बाद केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने प्रदर्शनी को राज्य में आयोजित करने का समर्थन किया।
सतीशन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि केरलम रायहान वाड्रा की प्रदर्शनी को उसके संपूर्ण स्वरूप में आयोजित करने के लिए तैयार है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि प्रदर्शनी के मामले में किसी तरह का चयनात्मक व्यवहार या अपवाद नहीं होना चाहिए।
राजीव चंद्रशेखर ने युवाओं के अधिकारों पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का लाभ सभी को समान रूप से मिलना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या ये अधिकार केवल राजनीतिक परिवारों से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं या आम युवाओं को भी समान अवसर और संरक्षण मिलना चाहिए।
BJP नेता ने केरलम में बेरोजगारी और कथित राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर आंसू गैस, गैस ग्रेनेड और पुलिस बल के इस्तेमाल जैसी कार्रवाई की जाती है। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में संबंधित घटनाओं का विस्तृत आधिकारिक पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
चंद्रशेखर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री सतीशन को निशाने पर लेते हुए पूछा कि क्या लोकतांत्रिक अधिकारों की चिंता केवल राजनीतिक परिवारों के मामलों में की जाती है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति पर भी तीखी टिप्पणी की और उन पर गलतबयानी, भ्रष्टाचार तथा अराजकता की राजनीति करने का आरोप लगाया।
BJP नेता ने एक नाबालिग मुस्लिम लड़की की कथित तौर पर जबरन शादी कराए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे मामलों में सरकार की प्रतिक्रिया क्या है। उन्होंने इस संदर्भ में बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले POCSO कानून का उल्लेख किया। हालांकि, इस मामले के विस्तृत तथ्य और कानूनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
केरलम में बढ़ सकती है राजनीतिक बयानबाजी
रायहान वाड्रा की प्रदर्शनी को लेकर उठा विवाद अब कला, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक समानता के सवालों से जुड़ गया है। मुख्यमंत्री सतीशन का प्रस्ताव प्रदर्शनी को केरलम में आयोजित करने के समर्थन के रूप में सामने आया, जबकि राजीव चंद्रशेखर ने इसे राज्य के युवाओं के साथ कथित असमान व्यवहार के संदर्भ में उठाया है।
फिलहाल, इस मामले में प्रमुख विवाद प्रदर्शनी की तस्वीरों को हटाने के अनुरोध और उसके बाद सामने आए राजनीतिक बयानों पर केंद्रित है। आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रायहान वाड्रा की प्रदर्शनी केरलम में आयोजित होती है या नहीं और इस मुद्दे पर कांग्रेस तथा BJP के बीच बयानबाजी किस दिशा में बढ़ती है।

