‘सत्यम शिवम सुंदरम’ से राहुल गांधी का संदेश, 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली से पहले सोशल मीडिया पर ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ लिखकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। 27 अक्टूबर 2026 को सामने आई ANI की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी की इस पोस्ट को भगवान शिव से जुड़े प्रतीक के संदर्भ में देखा जा रहा है। कांग्रेस नेता लगातार मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीन शब्द साझा किए, जिनका अर्थ सत्य, कल्याण और सुंदरता से जुड़ा है। पोस्ट के साथ साझा की गई तस्वीर में काली पृष्ठभूमि पर तीन सफेद रेखाएं और उन्हें काटती हुई एक लाल खड़ी रेखा दिखाई गई है। यह डिजाइन भगवान शिव के त्रिपुंड तिलक जैसा नजर आता है।
हालांकि, राहुल गांधी की पोस्ट में इन प्रतीकों के उद्देश्य को लेकर अलग से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। ऐसे में इसे आगामी रैली से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन पोस्ट का सटीक राजनीतिक संदेश स्पष्ट नहीं है।
भगवान शिव और तांडव का पहले भी कर चुके हैं जिक्र
राहुल गांधी इससे पहले भी अपने भाषणों में भगवान शिव और उनसे जुड़े प्रतीकों का उल्लेख कर चुके हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर उन्होंने शिव के तांडव का उदाहरण दिया था। उन्होंने कहा था कि आंदोलन किसी तय योजना पर निर्भर नहीं है और अलग-अलग रूपों में आगे बढ़ता रहेगा।
राहुल गांधी के अनुसार, पहले प्रदर्शनकारियों की योजना बस से जाकर बैठने और गिरफ्तारी देने की थी, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के कारण रणनीति बदलनी पड़ी। उन्होंने इस घटनाक्रम को शिव के तांडव से जोड़ते हुए कहा था कि आंदोलन में शामिल होने के इच्छुक लोग इससे जुड़ सकते हैं।
इससे पहले 1 जुलाई 2024 को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान भी राहुल गांधी ने भगवान शिव की तस्वीर का उल्लेख किया था। उस समय उन्होंने शिव को निर्भयता, अहिंसा और सत्य का प्रतीक बताया था।
उन्होंने अभयमुद्रा का जिक्र करते हुए कहा था कि यह भय से मुक्त होकर सत्य का सामना करने और अहिंसा के रास्ते पर चलने का संदेश देती है। अपने भाषण में उन्होंने इस विचार को विभिन्न धर्मों में साहस और निर्भयता की अवधारणा से भी जोड़ा था।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ’ रैली
कांग्रेस की प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ जन मार्च और मेगा रैली’ 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होनी है। राहुल गांधी ने 25 अक्टूबर को छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों से इसमें शामिल होने की अपील की थी।
कांग्रेस नेता का आरोप है कि मतदाता सूचियों से लोगों के नाम हटाए गए हैं और चुनावी प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा कि वोट के अधिकार से जुड़े सवालों को चुपचाप स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।
राहुल गांधी ने दिल्ली के कारोबारियों को संबोधित करते हुए भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो सेवाओं, सड़कों और राजधानी की आवाजाही पर पाबंदियों से व्यापारियों को परेशानी हुई। साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई।
कांग्रेस की इस रैली के जरिए मतदाता सूची, चुनावी पारदर्शिता और चुनाव आयोग की भूमिका जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में कितने लोग जुटते हैं और पार्टी का यह अभियान आगे क्या राजनीतिक दिशा लेता है।

