दरभंगा फोर्टीफाइड चावल की गुणवत्ता नियंत्रण एवं भंडारण को लेकर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
दरभंगा फोर्टीफाइड चावल की गुणवत्ता नियंत्रण एवं भंडारण को लेकर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी राजीव रौशन, वृंदा किराडु,सीनियर प्रोग्राम एसोसिएट वर्ल्ड फूड प्रोगाम खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, राजेश कुमार सचिव आरटीओ जिला आपूर्ति पदाधिकारी राकेश रंजन,उप निदेशक जन संपर्क सत्येंद्र प्रसाद,अनुमंडल पदाधिकारी सदर विकास कुमार आदि
द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किये।
इस अवसर पर मिथिला के संस्कृति के अनुरूप पाग,चादर,स्मृति चिन्ह प्रदान कर स्वागत किया गया।
जिलाधिकारी ने संबोधित करते हुए कहा कि फोर्टिफाइड के संबंध में कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका इसका बहुत अधिक महत्व है।
उन्होंने कहा कि हम लोग जो खाते हैं इस बात पर हमारा स्वास्थ्य निर्भर करता है।अगर हमारे खाने की गुणवत्ता अच्छी होगी,वही वर्तमान पीढ़ी को और आने वाली पीढ़ी को बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर जीवन देने की स्थिति में होंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में यह बात देखने में आ रही है कि किस प्रकार से जलवायु परिवर्तन हो रहा है।
• जिलाधिकारी ने कहा कि फोर्टीफाइड चावल में कई पोषक गुण है इसमें आयरन,फोलिक एसिड और विटामिन बी 12 जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व या माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मिलाए जाते हैं। ये पोषक तत्व एनीमिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से बचाता है।
उन्होंने कहा कि आमतौर पर चावल की मिलिंग और पॉलिशिंग के समय फैट और सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर चोकर की परतें हट जाती है।
चावल की पॉलिश करने से 75 से 90 प्रतिशत विटामिन भी निकल जाते हैं जिसके वजह से चावल के अपने पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं।
चावल को फोर्टीफाई करने से उनमें सूक्ष्म पोषक तत्व न सिर्फ फिर से जुड़ जाते हैं,बल्कि और ज्यादा मात्रा में मिलाए जाते हैं,जिससे चावल और ज्यादा पौष्टिक बन जाता है।
वृंदा किराडु,सीनियर प्रोग्राम एसोसिएट वर्ल्ड फूड प्रोगाम खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने संबोधित करते हुए कहा कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है जिसमें चावल को अतिरिक्त मात्रा में पोषक तत्व मिलाकर न्यूट्रीशन बनाया जाता है।
आज विशेष कार्यशाला में फोर्टीफाइड चावल के महत्व के बारे में तकनीकी अधिकारियों के द्वारा बताया गया।