‘अप्रैल 2027 में गिरेगी मोदी सरकार!’ संजय राउत के दावे पर शाइना NC का पलटवार, राम मंदिर का भी किया जिक्र
मोदी सरकार गिरने का दावा करने वाले शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना नेता शाइना एनसी ने राउत के बयान पर पलटवार करते हुए उनकी भविष्यवाणी पर सवाल उठाए। मोदी सरकार गिरने का दावा करते हुए राउत ने कहा था कि अप्रैल 2027 के आखिरी सप्ताह में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता से बाहर हो जाएगी। शाइना एनसी ने इस बयान को लेकर राउत पर निशाना साधा और राम मंदिर से जुड़ी उनकी पिछली टिप्पणी का भी जिक्र किया। दोनों नेताओं के बयानों से राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
संजय राउत ने कब की मोदी सरकार गिरने की भविष्यवाणी?
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के नेता संजय राउत ने मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली के दौरान केंद्र सरकार को लेकर भविष्यवाणी की थी।
राउत ने दावा किया कि अप्रैल 2027 के आखिरी सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार गिर जाएगी। उन्होंने अपने बयान में राम मंदिर के निर्माण और मुहूर्त का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह मंदिर के मुहूर्त पर सवाल उठाए गए थे, उसी तरह अब वह सरकार के जाने का समय बता रहे हैं।
उनके इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी। हालांकि, यह संजय राउत का राजनीतिक दावा है। सरकार के भविष्य को लेकर उनके बयान की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक आधार सामने नहीं आया है।
केंद्र सरकार का भविष्य राजनीतिक परिस्थितियों, संसद में बहुमत और सहयोगी दलों के समर्थन जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है। इसलिए इस बयान को फिलहाल राजनीतिक भविष्यवाणी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
शाइना एनसी ने पूछा- राउत ऐसी भविष्यवाणी कैसे कर सकते हैं?
शिवसेना नेता शाइना एनसी ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में संजय राउत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि राउत प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को लेकर इस तरह की भविष्यवाणी कैसे कर सकते हैं।
शाइना ने राउत पर निशाना साधते हुए उनके कानूनी मामलों का भी उल्लेख किया और उन्हें अपना वकील बदलने की सलाह दी। उनका बयान राउत की टिप्पणी का राजनीतिक जवाब था।
इस दौरान शाइना ने कहा कि प्रधानमंत्री के बारे में टिप्पणी करने के बजाय राउत को दूसरे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उनकी प्रतिक्रिया के बाद दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग चर्चा का विषय बन गई।
राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच इस तरह की बयानबाजी अक्सर सार्वजनिक बहस को तेज करती है। हालांकि, किसी नेता की भविष्यवाणी या दूसरे नेता की आलोचना अपने आप में राजनीतिक परिणाम का प्रमाण नहीं होती।
राम मंदिर को लेकर राउत के पुराने बयान का भी किया जिक्र
शाइना एनसी ने अपने जवाब में राम मंदिर से जुड़ी संजय राउत की पिछली टिप्पणी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राउत ने पहले मंदिर के मुहूर्त को लेकर सवाल उठाए थे और मंदिर के गिरने की आशंका जताई थी, लेकिन मंदिर अब भी खड़ा है।
शाइना ने इस टिप्पणी को शिवसेना के राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी में विभाजन के बाद एकनाथ शिंदे 40 विधायकों के साथ अलग हुए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पक्ष के पास अब 60 विधायक हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि शिवसेना के विभाजन और विधायकों की संख्या से जुड़े शाइना के बयान को उनके राजनीतिक पक्ष के रूप में समझना चाहिए। किसी राजनीतिक दल की मौजूदा स्थिति का आकलन करते समय संबंधित समय के आधिकारिक आंकड़ों और विधानसभा की जानकारी को देखना जरूरी है।
शाइना ने राउत को प्रधानमंत्री पर टिप्पणी करने से बचने और शिवाजी पार्क में आयोजित कार्यक्रमों पर ध्यान देने की सलाह भी दी। उन्होंने मंच से जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए उस पर भी तंज कसा।
#WATCH | Mumbai: On Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut, Shiv Sena leader Shaina NC says, “How can someone like Sanjay Raut, who has had to apologize ten times to the Supreme Court for contempt, claim to change the Prime Minister? What kind of predictions is he making? He should first try changing his own lawyer. Last time, he claimed that the timing (muhurat) for the Ram Mandir was wrong and that the temple would collapse. The temple is still standing exactly where it was, though, as it happens, his own party has collapsed. Our Eknath Shinde left with 40 MLAs, and today we have 60 MLAs. In any case, he ought to refrain from making remarks about the Prime Minister. He should instead focus on the stage at Shivaji Park, the one that collapsed and will likely collapse again.”
— ANI (@ANI) October 21, 2026
लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर बयान को लेकर भी आमने-सामने
संजय राउत और शाइना एनसी के बीच विवाद केवल मोदी सरकार की भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहा। शाइना ने राउत के उस कथित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को भाजपा से जोड़ने का आरोप लगाया था।
शाइना ने सवाल किया कि यदि भाजपा इस गैंग को संचालित करती है, तो सलमान खान को सुरक्षा किसने दी और टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले में कार्रवाई किसने की। उन्होंने मुंबई पुलिस की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए राउत को सोच-समझकर बयान देने की सलाह दी।
उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई के साबरमती जेल में बंद होने और केंद्र के नियंत्रण से जुड़े पहलुओं का भी जिक्र किया। हालांकि, किसी राजनीतिक दल और आपराधिक गिरोह के बीच संबंध होने का दावा गंभीर आरोप है। ऐसे आरोपों को स्थापित तथ्य मानने से पहले स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य जरूरी हैं।
इस मुद्दे पर शाइना की प्रतिक्रिया राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर भाजपा और गैंग के बीच किसी कथित संबंध को प्रमाणित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।
महाराष्ट्र की राजनीति में क्यों अहम है यह बयानबाजी?
महाराष्ट्र में शिवसेना के विभाजन के बाद दोनों गुटों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार चर्चा में रही है। संजय राउत उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं, जबकि शाइना एनसी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़ी हैं।
ऐसे में केंद्र सरकार, राम मंदिर और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर दोनों नेताओं के बयान केवल व्यक्तिगत प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके राजनीतिक पक्षों के बीच व्यापक मतभेद भी सामने लाते हैं।
दशहरा रैली जैसे बड़े राजनीतिक मंचों से दिए गए बयान समर्थकों तक संदेश पहुंचाने और विपक्ष पर निशाना साधने का माध्यम भी बनते हैं। हालांकि, राजनीतिक बयानबाजी से अलग सरकार के भविष्य का निर्धारण संवैधानिक प्रक्रियाओं और संसद में बहुमत जैसी वास्तविक परिस्थितियों से होता है।
क्या अप्रैल 2027 में सच होगी संजय राउत की भविष्यवाणी?
फिलहाल संजय राउत के इस दावे की पुष्टि करने वाला कोई आधार उपलब्ध नहीं है कि अप्रैल 2027 के आखिरी सप्ताह में केंद्र सरकार गिर जाएगी। यह उनका राजनीतिक अनुमान है, न कि घोषित या तय राजनीतिक घटनाक्रम।
शाइना एनसी ने इस दावे पर सवाल उठाकर राउत को जवाब दिया है। उनके पलटवार में राम मंदिर, शिवसेना के विभाजन और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े आरोपों का भी जिक्र आया।
अब यह देखना होगा कि आने वाले समय में दोनों पक्ष इस बयानबाजी को आगे बढ़ाते हैं या राजनीतिक चर्चा दूसरे मुद्दों की ओर मुड़ती है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि मोदी सरकार के भविष्य को लेकर संजय राउत की टिप्पणी ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।

