पवन सिंह कोर्ट नहीं पहुंचे, लगा ₹3,000 जुर्माना, ज्योति ने कही बड़ी बात
भोजपुरी सिंगर पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के वैवाहिक विवाद में एक बार फिर कानूनी कार्यवाही चर्चा में है। पवन सिंह 17 अक्टूबर 2026 को बलिया परिवार न्यायालय में सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुए, जबकि ज्योति सिंह अदालत पहुंचीं। उपलब्ध समाचार जानकारी के अनुसार, पवन सिंह की अनुपस्थिति पर अदालत ने 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर 2026 को होगी। इस बीच ज्योति सिंह ने कहा है कि वह आज भी पवन सिंह के साथ रहना चाहती हैं और उन्हें न्यायालय पर भरोसा है।
पवन सिंह की अनुपस्थिति पर अदालत ने लगाया जुर्माना
पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच तलाक तथा भरण-पोषण से जुड़ा मामला बलिया परिवार न्यायालय में चल रहा है। 17 अक्टूबर को इस मामले में सुनवाई हुई, लेकिन दी गई जानकारी के मुताबिक पवन सिंह अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
वहीं, ज्योति सिंह सुनवाई के लिए पहुंचीं। समाचार इनपुट के अनुसार, पवन सिंह की ओर से उनकी मां से संबंधित मेडिकल दस्तावेज अदालत में जमा किए गए। इसके अलावा, मामले में मध्यस्थता यानी मीडिएशन के लिए आवेदन भी दिया गया।
पवन सिंह की अनुपस्थिति के बाद अदालत ने 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि, जुर्माने के आदेश का विस्तृत आधार और मेडिकल दस्तावेजों से संबंधित अदालत की टिप्पणी उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।
ज्योति सिंह बोलीं- आज भी साथ रहना चाहती हूं
सुनवाई के बाद ज्योति सिंह ने अपने वैवाहिक रिश्ते को लेकर अपनी इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह आज भी पवन सिंह के साथ रहना चाहती हैं और उन्हें न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद है।
ज्योति सिंह के अनुसार, उन्होंने करीब चार साल पहले भरण-पोषण के लिए मुकदमा दर्ज कराया था। उनका कहना है कि मामले में लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही है, लेकिन उन्हें अब भी न्याय मिलने का भरोसा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें यहां से न्याय नहीं मिलता है, तो वह सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगी। उनके इस बयान के बाद मामले में आगे होने वाली सुनवाई को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है।
वन-टाइम सेटलमेंट के लिए आवेदन देने की बात
ज्योति सिंह के वकील के अनुसार, पवन सिंह की ओर से अदालत में एकमुश्त समझौते यानी वन-टाइम सेटलमेंट के लिए आवेदन दिया गया है। वकील ने बताया कि पवन सिंह ने समझौते में रुचि दिखाई है।
हालांकि, समझौते की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पवन सिंह की अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी बताई गई है। इस कारण अगली सुनवाई की तारीख महत्वपूर्ण हो सकती है।
एकमुश्त समझौते का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच विवाद को तय शर्तों के आधार पर सुलझाना होता है। लेकिन इस मामले में समझौता अंतिम रूप लेगा या नहीं, इस बारे में अभी कोई पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
अदालत में दाखिल आवेदन और दोनों पक्षों के रुख के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। फिलहाल, किसी अंतिम समझौते या तलाक संबंधी फैसले की जानकारी सामने नहीं आई है।
12 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
बलिया परिवार न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर 2026 की तारीख तय की है। अब यह देखना होगा कि अगली तारीख पर पवन सिंह अदालत में उपस्थित होते हैं या नहीं और समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ती है या नहीं।
ज्योति सिंह ने अपने बयान में न्यायालय पर भरोसा जताया है। दूसरी ओर, उनके वकील के मुताबिक, पवन सिंह की तरफ से समझौते के लिए आवेदन दिया गया है। इन दोनों पहलुओं के बीच अगली सुनवाई मामले की दिशा के लिहाज से अहम होगी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि अगली तारीख पर सुनवाई होने का अर्थ यह नहीं है कि उसी दिन तलाक, भरण-पोषण या समझौते पर अंतिम फैसला आ जाएगा। इसका निर्णय अदालत में होने वाली कार्यवाही और उपलब्ध तथ्यों पर निर्भर करेगा।
कब हुई थी पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी?
पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 6 मार्च 2018 को हुई थी। शादी के कुछ समय बाद दोनों के रिश्तों में तनाव की खबरें सामने आने लगीं और दोनों अलग रहने लगे।
उपलब्ध समाचार जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 में तलाक और भरण-पोषण को लेकर कानूनी विवाद शुरू हुआ। इसके बाद से दोनों का मामला अदालत में चल रहा है।
पवन सिंह भोजपुरी संगीत और फिल्मों की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं। उनके निजी जीवन से जुड़ा यह विवाद समय-समय पर चर्चा में आता रहा है। हालांकि, मामले में कानूनी स्थिति को समझने के लिए अदालत की कार्यवाही और दोनों पक्षों के आधिकारिक बयानों को आधार बनाना जरूरी है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल, पवन सिंह और ज्योति सिंह के मामले में तीन बातें महत्वपूर्ण हैं। पहली, अदालत में अनुपस्थिति पर लगाए गए 3,000 रुपये के जुर्माने की कार्यवाही। दूसरी, एकमुश्त समझौते के लिए दिए गए आवेदन पर आगे की प्रक्रिया। तीसरी, 12 नवंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई।
ज्योति सिंह ने साथ रहने की इच्छा जताई है, जबकि उनके वकील ने समझौते के आवेदन की जानकारी दी है। अब आगे का घटनाक्रम अदालत में होने वाली सुनवाई और दोनों पक्षों के रुख पर निर्भर करेगा।

