महाराष्ट्र MLC चुनाव में सियासी घमासान, 5 सीटों पर महायुति-MVA की परीक्षा
महाराष्ट्र की राजनीति में विधान परिषद की पांच सीटों को लेकर हलचल तेज हो गई है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को पांच निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना शुरू हुई। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) की राजनीतिक ताकत की परीक्षा हो रही है। खास बात यह है कि कई सीटों पर बागी उम्मीदवारों और सहयोगी दलों के बीच मतभेद ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
इन पांच सीटों में तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। कुल 182 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 10,68,072 बताई गई है। 23 अक्टूबर को हुए मतदान में लगभग 72.96 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
इन चुनावों के नतीजों से यह संकेत मिल सकता है कि स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच विभिन्न राजनीतिक दलों की पकड़ कितनी मजबूत है। साथ ही, गठबंधन के भीतर असंतोष का चुनावी प्रदर्शन पर कितना असर पड़ा, इस पर भी राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।
नागपुर और पुणे में BJP-कांग्रेस के बीच मुकाबला
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में BJP के सुधाकर कोहले का मुकाबला कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी से है। BJP इस सीट को दोबारा हासिल करने की कोशिश में है। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी ने करीब छह दशक तक इस सीट पर अपना प्रभाव बनाए रखा था, लेकिन 2020 में अभिजीत वंजारी ने जीत दर्ज की थी।
पुणे स्नातक सीट पर मुकाबला और भी दिलचस्प है। यहां BJP की उम्मीदवार स्मिता जाधव के सामने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की हर्षदा देशमुख-जाधव हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने भी सुनील मोदी को मैदान में उतारा है। इस सीट पर लगभग 3.88 लाख पंजीकृत मतदाता और 47 उम्मीदवार हैं, जो इसे पांचों निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे बड़ा मुकाबला बनाते हैं।
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में महायुति के भीतर मतभेद सामने आए हैं। BJP के कौस्तुभ गावड़े का मुकाबला कांग्रेस के मौजूदा MLC जयंत असगांवकर से है। वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सनप का समर्थन किया है। पूर्व MLC दत्तात्रय सावंत भी चुनाव लड़ रहे हैं।
संभाजीनगर और अमरावती में बागियों ने बढ़ाई चुनौती
छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर मौजूदा MLC सतीश चव्हाण का मुकाबला NCP (शरदचंद्र पवार) के प्रत्याशी प्रतापसिंह पाटिल से है। सतीश चव्हाण सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली NCP का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस सीट पर शिवसेना (UBT) ने भी अपना उम्मीदवार उतारा है। यहां करीब 3.26 लाख पंजीकृत मतदाता और 41 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए चुनौती कम नहीं है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के आधिकारिक उम्मीदवार और मौजूदा MLC किरण सरनाईक के सामने कांग्रेस की अदिति पोहरे हैं। इसके अलावा BJP के बागी उम्मीदवार संगीता शिंदे, शेखर भोयर और सुमित पवार भी चुनाव लड़ रहे हैं। शिवसेना (UBT) ने दत्तात्रय लहाने को उम्मीदवार बनाया है।
अमरावती में सबसे अधिक लगभग 92.6 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पुणे शिक्षक सीट पर 85.86 प्रतिशत, नागपुर स्नातक सीट पर 64.84 प्रतिशत, पुणे स्नातक सीट पर 62.76 प्रतिशत और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर 59.12 प्रतिशत मतदान हुआ।
प्राथमिकता वाले वोट तय करेंगे जीत का गणित
इन चुनावों में प्राथमिकता आधारित मतदान प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में केवल पहली पसंद के वोट ही निर्णायक नहीं होंगे। यदि कोई उम्मीदवार निर्धारित कोटा हासिल नहीं करता है, तो बाद की प्राथमिकताओं के आधार पर वोटों का स्थानांतरण महत्वपूर्ण हो सकता है।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की औपचारिक अधिसूचना 29 सितंबर को जारी हुई थी और पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक समाप्त होनी है। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को पूरा होने वाला है।
महायुति के लिए यह चुनाव सहयोगी दलों के बीच तालमेल और बागियों के प्रभाव को परखने का अवसर है। दूसरी ओर, MVA यह देखना चाहेगी कि सत्तारूढ़ गठबंधन की अंदरूनी खींचतान का उसे कितना लाभ मिला। पांचों सीटों के परिणाम महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति का एक महत्वपूर्ण संकेत देंगे, हालांकि उनसे विधानसभा चुनावों के नतीजों का सीधा अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

