सोनिया गांधी की किताब से मचेगा सियासी घमासान? पहली बार बताएंगी अपनी कहानी
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी राजनीति नहीं, बल्कि उनकी आने वाली किताब है। सोनिया गांधी ने अपनी आत्मकथा ‘Belonging: A Journey of Love’ को लेकर कहा है कि किताब के सामने आने के बाद काफी हलचल हो सकती है। उनका मानना है कि दशकों से दूसरे लोग उनकी जिंदगी के बारे में लिखते और बताते रहे हैं, लेकिन अब वह खुद अपनी कहानी दुनिया के सामने रखना चाहती हैं।
27 अक्टूबर को सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने किताब लिखने के पीछे की वजह बताई। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी जिंदगी को लेकर वर्षों से लिखी गई कई बातें गलत, बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गईं या मनगढ़ंत थीं। ऐसे में उन्होंने अपनी कहानी को अपने नजरिए से नहीं, बल्कि अपने अनुभवों और तथ्यों के आधार पर सामने रखने का फैसला किया।
सोनिया गांधी ने क्यों लिखी अपनी जिंदगी की कहानी?
सोनिया गांधी ने वीडियो में बताया कि उनके बारे में काफी कुछ लिखा गया है, लेकिन उन्हें लगा कि उसमें कई बातें वास्तविकता से मेल नहीं खातीं। कुछ घटनाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, जबकि कुछ को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया। इसी वजह से उन्होंने अपनी जिंदगी के अनुभवों को स्वयं दर्ज करने का निर्णय लिया।
उन्होंने यह भी बताया कि जब उनके पति राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनने के लिए कहा गया था, तब वह इस फैसले के पक्ष में नहीं थीं। यह उनके निजी जीवन से जुड़ा एक ऐसा पहलू है, जिसे उन्होंने अपनी बातचीत में दोबारा याद किया।
सोनिया गांधी के मुताबिक, किताब का उद्देश्य अपनी जिंदगी से जुड़ी घटनाओं और अनुभवों को उसी रूप में सामने रखना है, जैसा उन्होंने उन्हें जिया और महसूस किया। वह चाहती हैं कि पाठकों को उनके जीवन को समझने के लिए एक नया दृष्टिकोण मिले।
किताब आने के बाद बदल सकती है लोगों की राय
अपनी किताब को लेकर संभावित प्रतिक्रियाओं पर सोनिया गांधी ने साफ कहा कि लोगों की राय अलग-अलग हो सकती है। संभव है कि कुछ पाठक उन्हें पहले से बेहतर समझने लगें, जबकि कुछ लोगों की राय उनके प्रति और नकारात्मक हो जाए।
उन्होंने माना कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों के बारे में अलग-अलग धारणाएं बनती हैं। जब कोई व्यक्ति अपनी कहानी खुद सामने रखता है, तो उस पर चर्चा और बहस होना स्वाभाविक है। इसी संदर्भ में उन्होंने किताब के आने पर ‘तमाशा’ होने की बात कही।
सोनिया गांधी की यह टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह लंबे समय से भारतीय राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रही हैं। हालांकि, किताब में किन घटनाओं को किस विस्तार से बताया गया है और उससे राजनीतिक या सार्वजनिक बहस पर क्या असर पड़ेगा, यह पुस्तक प्रकाशित होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
There’s bound to be some tamasha when this book comes out. After all, others have spent decades telling my “story”, now it’s my turn. https://t.co/jDy5vBI8ey
— Sonia Gandhi (@SoniaGandhi) October 27, 2026
इटली के बचपन से राजीव गांधी से मुलाकात तक का सफर
‘Belonging: A Journey of Love’ में सोनिया गांधी के जीवन के कई अहम पड़ाव शामिल हैं। किताब में युद्ध के बाद के इटली में उनका बचपन, इंग्लैंड के कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से मुलाकात और भारत आने तक के सफर को जगह दी गई है। इसके साथ ही उनके जीवन में आए व्यक्तिगत दुखों और भारत के साथ उनके रिश्ते का भी वर्णन किया गया है।
सोनिया गांधी का जन्म इटली में हुआ था। वर्ष 1965 में वह कैम्ब्रिज में 19 वर्ष की छात्रा थीं, जब उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई। दोनों ने 25 फरवरी 1968 को विवाह किया। बाद में सोनिया गांधी भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन का एक प्रमुख हिस्सा बन गईं।
इस किताब में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्याओं जैसे दुखद अध्यायों का भी जिक्र है। इन घटनाओं ने उनके व्यक्तिगत जीवन को गहराई से प्रभावित किया।
प्रकाशक अल्फ्रेड ए. नॉफ ने 18 अगस्त को घोषणा की थी कि यह किताब 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी। अब पाठकों की नजर इस बात पर है कि सोनिया गांधी अपनी जीवन यात्रा के किन अनुभवों और घटनाओं को विस्तार से सामने लाती हैं।

