कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ की जांच के लिए SIT गठित, 3 महीने में आएगी रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दर्दनाक भगदड़ के बाद राज्य सरकार ने जांच तेज कर दी है। 17 अक्टूबर को चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई इस घटना में 19 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है।
कलकत्ता हाईकोर्ट से परामर्श के बाद गठित इस टीम को घटना की विस्तृत जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, जांच दल को आदेश जारी होने की तारीख से तीन महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी होगी। जांच में भगदड़ की परिस्थितियों, सुरक्षा व्यवस्था और हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
इस घटना ने दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित आवाजाही और आपातकालीन इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन अब जांच के साथ-साथ अन्य पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी ध्यान दे रहा है।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित हुई SIT
सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय जांच समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनिंदिता रॉय सरस्वती करेंगी। समिति में पश्चिम बंगाल के आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के प्रधान सचिव और राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक को शामिल किया गया है।
इसके अलावा, पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय से अतिरिक्त महानिदेशक स्तर से नीचे के अधिकारी नहीं, बल्कि कम से कम अतिरिक्त महानिदेशक रैंक के प्रतिनिधि को शामिल करने का प्रावधान है। गृह एवं पहाड़ी मामलों के विभाग से संयुक्त सचिव या उससे वरिष्ठ स्तर का प्रतिनिधि और कोलकाता स्थित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) का प्रतिनिधि भी जांच समिति का हिस्सा होगा।
समिति का उद्देश्य केवल हादसे के कारणों का पता लगाना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुझाव देना भी है। तीन महीने में रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
दक्षिण कोलकाता के पांच पंडालों पर सुरक्षा विभाग की नजर
भगदड़ के बाद कोलकाता अग्निशमन विभाग ने दक्षिण कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। विभाग ने चेटला, त्रिधारा, देशप्रिय पार्क और टॉलीगंज कल्चरल की पूजा समितियों को लिखित निर्देश जारी किए हैं। इन समितियों से प्रवेश और निकास मार्गों पर विशेष ध्यान देने तथा अतिरिक्त अग्नि सुरक्षा उपाय लागू करने को कहा गया है।
भीड़ वाले पूजा पंडालों में प्रवेश और निकास के रास्ते स्पष्ट रखना, लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की व्यवस्था करना बेहद महत्वपूर्ण है। अग्निशमन विभाग की निगरानी का उद्देश्य संभावित जोखिमों को समय रहते पहचानना और किसी अन्य दुर्घटना की आशंका कम करना है।
मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा
पश्चिम बंगाल सरकार ने भगदड़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं, घटना की जवाबदेही तय करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स की ओर से भी जांच शुरू की गई है।
राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई थी या नहीं।
कोलकाता की इस घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब जांच समिति की रिपोर्ट से हादसे के कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

