गुजरात में महिलाओं ने PM मोदी से कहा- मोदी नहीं जाएंगे, बनासकांठा दौरे का वीडियो चर्चा में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे के दौरान बनासकांठा में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को भिलड़ी स्थित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) के दौरे के दौरान महिलाओं के एक समूह ने उनके साथ मुलाकात की। इस दौरान सामूहिक तस्वीर खिंचवाते समय महिलाओं ने उत्साह में ‘मोदी नहीं जाएंगे’ के नारे लगाए।
महिलाओं का यह नारा कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय बन गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी वहां मौजूद महिलाओं से बातचीत की और उनके साथ तस्वीर खिंचवाई। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल राजनीतिक और सार्वजनिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें पशुपालन, कृषि, परिवहन और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी शामिल रहीं।
127 एकड़ में बना कांकरेज नस्ल का आधुनिक रिसर्च सेंटर
प्रधानमंत्री मोदी ने बनासकांठा के भिलड़ी में स्थित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का दौरा किया। लगभग 127 एकड़ में फैली यह अत्याधुनिक सुविधा केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं के प्रयासों से पशुधन विकास के लिए तैयार की गई है।
यह केंद्र विशेष रूप से गुजरात की प्रसिद्ध कांकरेज नस्ल के संरक्षण और संवर्धन पर केंद्रित है। यहां पशुओं की नस्ल सुधारने, बेहतर प्रजनन तकनीक विकसित करने और आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों को बढ़ावा देने पर काम किया जाएगा।
इस परियोजना का उद्देश्य पशुओं की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार करना है। अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक प्रजनन तकनीकों की मदद से नस्ल सुधार की प्रक्रिया को 10 से 20 गुना तक तेज करने की उम्मीद है।
कांकरेज नस्ल गुजरात और राजस्थान के कई क्षेत्रों में पाई जाती है। यह नस्ल अपनी शारीरिक क्षमता और दूध उत्पादन के लिए जानी जाती है। ऐसे में रिसर्च सेंटर से पशुपालकों को भविष्य में बेहतर गुणवत्ता वाले पशुधन का लाभ मिलने की संभावना है।
₹14 हजार करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात
बनासकांठा दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें कृषि, सड़क, मेट्रो, आंगनबाड़ी और पशुपालन से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।
बनास डेयरी के थराद और राधनपुर में दो बायो-CNG प्लांट स्थापित करने की योजना भी इसमें शामिल है। थराद प्लांट में प्रतिदिन 75 मीट्रिक टन और राधनपुर प्लांट में 100 मीट्रिक टन गोबर के प्रसंस्करण की क्षमता होगी। इससे पशुओं के अपशिष्ट का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकेगा।
इसके अलावा अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2A और फेज-2B के विस्तार की आधारशिला रखी जानी है। फेज-2A में कोटेश्वर रोड से एयरपोर्ट तक पांच स्टेशन होंगे, जबकि फेज-2B में GIFT सिटी से शाहपुर तक तीन स्टेशन प्रस्तावित हैं।
अहमदाबाद-मेहसाणा स्टेट हाईवे-41 को चार लेन से आठ लेन में अपग्रेड करने की परियोजना भी महत्वपूर्ण है। इस पर करीब 2,600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे उत्तर गुजरात और अहमदाबाद के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।
किसानों और बच्चों के लिए भी कई योजनाएं शुरू
प्रधानमंत्री ने गुजरात में 4,030 नए बाल-अनुकूल आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखने और पहले से तैयार 361 केंद्रों का उद्घाटन करने की योजना भी कार्यक्रम में शामिल की। इस पहल पर करीब 800 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इससे चार लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा कृषि अवसंरचना कोष के तहत पूरी हुई 521 परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित की गईं। इन परियोजनाओं में कोल्ड स्टोरेज, गोदाम, कोल्ड चेन, साइलो, पॉलीहाउस और खाद्य प्रसंस्करण सुविधाएं शामिल हैं। इनकी कुल परियोजना लागत लगभग 4,950 करोड़ रुपये बताई गई है।
साणंदार में आलू प्रसंस्करण संयंत्र का विस्तार और पालनपुर में अल्ट्रा हाई टेम्परेचर उत्पादों के लिए स्वचालित भंडारण प्रणाली भी इस विकास कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
इस दौरे में महिलाओं के साथ प्रधानमंत्री की मुलाकात और ‘मोदी नहीं जाएंगे’ के नारों ने लोगों का ध्यान खींचा। वहीं, घोषित परियोजनाओं के माध्यम से गुजरात में कृषि, पशुपालन, आधारभूत संरचना और ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया।

