Desh News

तमिलनाडु: NTK नेता कार्तिका की जमानत पर रिहाई से पहले जेल के बाहर जुटे समर्थक

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

तमिलनाडु में नाम तमिलर काची (NTK) की नेता कार्तिका की जमानत पर रिहाई से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को कोयंबटूर सेंट्रल जेल के बाहर पार्टी के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी जुटे। समर्थक अपनी नेता के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे और उनके स्वागत की तैयारी में दिखाई दिए।

कार्तिका को धारापुरम उपचुनाव में NTK की उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा गया था। उनकी गिरफ्तारी को लेकर राज्य की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने भी इस मामले में सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

कार्तिका की गिरफ्तारी पर कनिमोझी ने उठाए सवाल

कनिमोझी ने 21 अक्टूबर को कार्तिका की गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की महिला नेताओं के खिलाफ पुलिस की शक्तियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह मामला उपचुनाव के दौरान रेल रोको प्रदर्शन से जुड़ा है और गिरफ्तारी की कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होती है।

DMK सांसद ने गिरफ्तारी के समय और तरीके पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्तिका को सुबह करीब पांच बजे गिरफ्तार किया गया और उन्हें कपड़े बदलने तक का पर्याप्त समय नहीं दिया गया। कनिमोझी के मुताबिक, उस समय कार्तिका के पति भी मौजूद थे।

उन्होंने दावा किया कि सरकार की आलोचना करने वाले विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जबकि महिलाओं के बारे में सोशल मीडिया पर कथित अपमानजनक टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ शिकायतों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं होती।

हालांकि, ये आरोप कनिमोझी की ओर से लगाए गए हैं। मामले में पुलिस का पक्ष और गिरफ्तारी की परिस्थितियों से जुड़ी पूरी आधिकारिक जानकारी सामने आने पर ही विवाद के सभी पहलुओं का आकलन किया जा सकेगा।

सत्ताधारी दल और BJP के संबंधों पर भी साधा निशाना

कनिमोझी ने अपने बयान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेताओं पर सख्ती दिखाई जाती है, लेकिन BJP और सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों के मामलों में वैसा रवैया नहीं अपनाया जाता।

उन्होंने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के नेताओं को लेकर भी सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया। कनिमोझी का दावा है कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन आरोपों के बीच राज्य की राजनीति में दलों के बीच टकराव और तेज होने की संभावना है।

सांसद ने ड्रग्स से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने नागपट्टिनम में कथित तौर पर 100 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की जब्ती को लेकर सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई 17 अक्टूबर को राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) के तिरुचि क्षेत्र ने की थी।

इस मामले में N. भूपालन नामक एक वकील, जिन्हें TVK की नागपट्टिनम जिला कार्यकारिणी का सदस्य बताया गया है, सहित दो लोगों के नाम सामने आए। कनिमोझी ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण पर देरी से चर्चा की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों और मामले की जांच से जुड़े निष्कर्षों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

जमानत पर रिहाई को लेकर समर्थकों में उत्साह

कार्तिका की रिहाई से पहले कोयंबटूर सेंट्रल जेल के बाहर NTK कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इस मामले को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है। पार्टी समर्थक अपनी नेता के समर्थन में जुटे हैं, जबकि गिरफ्तारी को लेकर विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों ने विवाद को व्यापक चर्चा का विषय बना दिया है।

फिलहाल, इस घटनाक्रम के केंद्र में कार्तिका की गिरफ्तारी, रेल रोको प्रदर्शन से जुड़ा मामला और पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल हैं। जमानत पर रिहाई के बाद कार्तिका की प्रतिक्रिया और संबंधित मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *